फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Teachers are reading from the guide of private publishers

मुफ्त के चक्कर में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, निजी प्रकाशकों की गाइड से पढ़ा रहे हैं टीचर

Wed, 18 Jul 2018 09:45 AM IST
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 18 Jul 2018 09:45 AM IST
विज्ञापन
Teachers are reading from the guide of private publishers
सांकेतिक तस्वीर
निजी प्रकाशकों से गिफ्ट में मिली कुछ गाइडों के चक्कर में सरकारी स्कूलों के टीचर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। पाठ्य पुस्तकों की जगह विद्यार्थियों को गाइड से पढ़ाया जा रहा है। जिससे सही ढंग से पढ़ाई नहीं हो पा रही है। शिक्षा विभाग तक भी यह बात पहुंच गई है।
विज्ञापन


जिसके बाद विभागीय सचिव कृष्ण कुमार ने सभी प्रिंसिपल को सख्त निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा सचिव ने सभी प्रिंसिपल को आगाह किया है कि अगर निरीक्षण के दौरान किसी भी स्कूल में टीचर निजी प्रकाशक की गाइड से बच्चों को पढ़ाता मिला तो टीचर के साथ-साथ प्रिंसिपल पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


विभाग की जानकारी में आया है कि प्रकाशक कुछ गाइड प्रिंसिपल और टीचरों को बतौर गिफ्ट दे जाते है। जिसके चलते टीचर उसी गाइड से बच्चों को पढ़ाने को तरजीह देते हैं। विभाग की जानकारी में आया है कि बहुत से स्कूलों में टीचर निजी प्रकाशकों की गाइड से ही पढ़ा रहे हैं, जिससे बच्चों का नुकसान हो रहा है। उनकी पढ़ाई सही ढंग से नहीं हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा सचिव ने हिदायत दी है कि कोई भी प्रिंसिपल अपने स्कूल में बच्चों को निजी प्रकाशकों की गाइड न लगवाए। अगर चेतावनी केबाद भी ऐसा मिला तो उनके और टीचर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अब तक स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें
चंडीगढ़। पिछले सेशन में काफी फजीहत कराने के बाद भी शिक्षा विभाग ने सबक नहीं लिया है। जुलाई आधे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन अब तक बहुत से स्कूलों में पूरी किताबें नहीं पहुंची हैं। इसकी शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को तुरंत किताबें पहुंचाने की हिदायत दी है। विभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रिंसिपल्स के साथ मीटिंग में यह सामने आया है कि बहुत से स्कूलों में अब तक किताबें नहीं पहुंची हैं। जबकि, ये गर्मी की छुट्टियों से पहुंचनी चाहिए थीं।


ज्यादा समस्या इंग्लिश मीडियम सेक्शन वाले स्कूलों में आ रही है। सभी डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के हर प्रिंसिपल से फोन पर संपर्ककरेंगे। जहां से भी किताबों की डिमांड होगी, तुरंत पहुंचाना यकीनी बनाएंगे। डीईओ को अगली मीटिंग में इस संबंधी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed