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टीचर भर्ती घोटाला: SIT को मिली अहम जानकारियां, जानकर दंग रह जाएंगे आप!
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 08 Nov 2016 09:27 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा पकड़े गए बृजेंद्र नैन से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जेबीटी और टीजीटी भर्ती घोटाले में गिरोह के सरगना ने हरियाणा के जिलों से नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवकों से संपर्क कर सौदा तय करने की जिम्मेवारी अलग अलग लोगों की लगाई थी।
हर जिले के इंचार्ज को प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का कमीशन मिलना था। पूछताछ में पता चला है कि मामले में फरार चल रहे सुरेश यादव को नजफगढ़, रविंद्र को रेवाड़ी, सत्येंद्र हुड्डा को सोनीपत और बृजेंद्र नैन को हिसार की जिम्मेवारी दी गई थी।
पुलिस अब मामले में फरार चल रहे टीचर सत्येंद्र हुड्डा और रेवाड़ी से घोटाले का मोड्यूल चलाने वाले रविंद्र के पीछे लगी हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद वह घोटाले के मुख्य आरोपी मिथिलेश पांडे तक पहुंच सकती है। फिलहाल मिथिलेश पांडे उर्फ गुरु जी का एसआईटी सुराग नहीं लगा पाई है।
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एसपी रवि कुमार ने बताया कि पहले तो पुलिस का ध्यान सिर्फ भर्ती हुए जेबीटी टीचरों की जांच की तरफ था। लेकिन पुलिस अब भर्ती हुए टीजीटी टीचरों की भी जांच करेगी। आरोपी ने कस्टडी में खुलासा किया है कि सात लाख रुपये जेबीटी भर्ती के लिए थे तो टीजीटी के लिए रेट दस लाख रुपये था।
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हर जिले के इंचार्ज को प्रति व्यक्ति एक लाख रुपये का कमीशन मिलना था। पूछताछ में पता चला है कि मामले में फरार चल रहे सुरेश यादव को नजफगढ़, रविंद्र को रेवाड़ी, सत्येंद्र हुड्डा को सोनीपत और बृजेंद्र नैन को हिसार की जिम्मेवारी दी गई थी।
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पुलिस अब मामले में फरार चल रहे टीचर सत्येंद्र हुड्डा और रेवाड़ी से घोटाले का मोड्यूल चलाने वाले रविंद्र के पीछे लगी हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद वह घोटाले के मुख्य आरोपी मिथिलेश पांडे तक पहुंच सकती है। फिलहाल मिथिलेश पांडे उर्फ गुरु जी का एसआईटी सुराग नहीं लगा पाई है।
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एसपी रवि कुमार ने बताया कि पहले तो पुलिस का ध्यान सिर्फ भर्ती हुए जेबीटी टीचरों की जांच की तरफ था। लेकिन पुलिस अब भर्ती हुए टीजीटी टीचरों की भी जांच करेगी। आरोपी ने कस्टडी में खुलासा किया है कि सात लाख रुपये जेबीटी भर्ती के लिए थे तो टीजीटी के लिए रेट दस लाख रुपये था।
जिला इंचार्ज को प्रति कैंडिडेट्स एक लाख रुपये कमीशन मिली थी
गिरफ्तार
- फोटो : file photo
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने 25 टीचरों के नाम लिए थे जो पैसे देकर जेबीटी में भर्ती हुए थे। इनमें से पांच टीचरों की ज्यादा उम्र होने की वजह से ज्वाइनिंग नहीं हुई थी। बाकी के बीस टीचरों ने ज्वाइन किया था। नैन से सभी की पहचान कर ली है। पुलिस ने बताया कि 20 में से 17 टीचर तो मौैजूद हैं और तीन टीचर सस्पेंड चल रहे है। पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा पहचाने गए 25 कैंडिकेट्स सोनीपत, भिवानी और रेवाड़ी के ही हैं।
आरोपी नैन पुलिस रिमांड के दौरान दो नाम संजय कुमार और आरके सिंह के लिए थे। उसमें से संजय कुमार पटना का रहने वाला है और पुलिस नैन को पटना भी ले जा कर छानबीन करेगी।
यह है मामला
यूटी शिक्षा विभाग में पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती की गई थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात - सात लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था।
शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया है। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव और प्रदीप लोचव को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था। इसके बाद पुलिस टीम ने 1 नवंबर को सह आरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार किया था।
आरोपी नैन पुलिस रिमांड के दौरान दो नाम संजय कुमार और आरके सिंह के लिए थे। उसमें से संजय कुमार पटना का रहने वाला है और पुलिस नैन को पटना भी ले जा कर छानबीन करेगी।
यह है मामला
यूटी शिक्षा विभाग में पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती की गई थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात - सात लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था।
शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया है। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव और प्रदीप लोचव को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था। इसके बाद पुलिस टीम ने 1 नवंबर को सह आरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार किया था।