टीचर भर्ती घोटाले में बडा खुलासा, जल्द होगी गिरफ्तारी
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टीचर भर्ती में धांधली कर भर्ती हुए टीचरों की संख्या सैकड़ों में है। स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की गिरफ्त में आए तीन आरोपियों की पूछताछ में यह बात सामने आई है।
मामले की जांच कर रहे है एक सीनियर अफसर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि जालसाजों ने करोड़ों रुपये लेकर सैकड़ों कैंडिडेट्स को भर्ती करवाया था। पुलिस ने अभी इस मामले में एक टीचर समेत तीन को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अभी घोटाले की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। जांच में पता चला है कि हरियाणा के कई जिलों में कई दूसरे तरीके से काम करनेवाले मोड्यूल भी चल रहे थे। पुलिस की जांच में अभी तक जेबीटी व टीजीटी के 40 लाभार्थियों के नामों का खुलासा हुआ था। लेकिन पुलिस अब मान रही है कि ये आंकड़ा सैकड़ों में है। मामले में एसआईटी जल्द ही और भी टीचरों को गिरफ्तार कर सकती है।
पुलिस जांच में अजय नैन का सामने आया है। पुलिस का कहना है कि अजय नैन सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस ने जब भर्ती हुए टीचरों से पूछताछ की थी तो कई टीचरों ने उसका नाम लिया था। पुलिस मान रही है कि अजय नैन जेबीटी पेपर लीक कराने वालों में से एक मुख्य आरोपी है।
जानिए क्या है मामला
इस समय एसआईटी बृजेंद्र नैन, संपूर्ण सिंह और सेक्टर 21 के सरकारी स्कूल बतौर टीचर भर्ती हुए संदीप कुमार को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
यह है मामला
यूटी शिक्षा विभाग में पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती की गई थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात - सात लाख रुपये लिए थे।
पंजाब विजिलेंस की पूछताछ में आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया है।