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जोड़ों में दर्द से परेशान हैं तो जरूर पढ़ें ये खबर

Mon, 01 Dec 2014 04:58 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 01 Dec 2014 04:58 PM IST
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tb patient must read this news

यदि आप टीबी से पीड़ित हैं या फिर जोड़ों में दर्द है तो एक बार किसी रीमेटोलॉजिस्ट (गठिया स्पेशलिस्ट) से जरूर चेकअप करा लें। पीजीआई के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट को चार साल में ऐसे 23 मरीज मिले हैं, जो टखने में दर्द की शिकायत लेकर आए थे। जब उनकी जांच की गई तो पता चला कि उनमें टीबी का मर्ज था। टीबी की वजह से उनका इम्यून सिस्टम गड़बड़ा गया और संक्रमण टखने में पहुंच गया। इससे इन मरीजों में गठिया का मर्ज हो गया।

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पीजीआई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमन शर्मा व उनकी टीम ने गठिया और टीबी के बीच रिलेशन वाले मरीजों को खोजने में कामयाबी हासिल की है। पीजीआई में आयोजित इराकॉन 2014 में उनकी स्टडी पेश की गई, जिसे देश-विदेश से आए रीमेटोलॉजिस्ट ने सराहा।
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डॉ. अमन के मुताबिक, यदि इसे जल्दी डाइग्नोज कर दिया जाए तो इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। पहले इसके मरीज गिने चुने आते थे, लेकिन अब ये कॉमन है। बताया जाता था कि दुनिया में अब तक 200 केस रिपोर्ट किए गए हैं, लेकिन पीजीआई ने चार साल में ही 23 केस ढूंढ निकाले। इनमें 11 पुरुष और 12 महिलाओं के मामले थे।
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टीबी के लक्षण नहीं मिले थे
आमतौर पर टीबी के लक्षण बुखार, खांसी और वेटलॉस होना होता है, लेकिन इन मरीजों में ऐसा कोई भी लक्षण नहीं मिला। सिर्फ उनके टखने में दर्द रहता था। दर्द ऐसा कि मरीजों से सहा नहीं जा रहा था। जब वे पीजीआई तो उनकी जांच की गई तो टीबी के रोग के बारे में पता चला। स्टडी में यह बताया गया है कि गठिया किसी भी जोड़ में हो सकता है। सिर्फ पीठ के जोड़ को छोड़कर। सबसे ज्यादा संभावना टखने में पाई जाती है।


टीबी की दवा से ठीक हुआ गठिया
स्टडी में शामिल बेन्जींटो पिंटो ने बताया कि ऐसे मरीजों का गठिया पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए गठिया की दवा नहीं, बल्कि टीबी की दवा ही काफी कारगर होती है। पीजीआई के सभी मरीजों को टीबी की दवा दी गई और उनमें गठिया पूरी तरह से ठीक हो गया। यदि उन्हें गठिया की दवा दी जाती है तो ये उनके लिए खतरा बन सकती है। गठिया की दवा से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इससे उनके लिए दिक्कत बन सकती है।

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