बैंक से लिया था लोन, चैंक बाउंस होने पर मिली सजा
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नौ चेक बांउस के मामलों में जिला अदालत ने हिसार की बरवाला तहसील स्थित मानव निर्माण समिति के अध्यक्ष और सचिव को एक-एक साल की सजा सुनाई है।
सजा पाने वालों में अध्यक्ष डॉ. सीपी गुप्ता और सचिव डॉ. सीमा रानी हैं। साथ ही अदालत ने दोनों को चेक की कुल राशि 58 लाख रुपये भी देने का निर्देश दिया है।
एसबीआई की ओर से पेश हुए एडवोकेट राजीव भारद्वाज और लीना भारद्वाज के अनुसार जिला हिसार की तहसील बरवाला के जेवरा गांव स्थित मानव निर्माण समिति ने 15 मार्च 2008 में एसबीआई की स्थानीय शाखा से 1 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
अदालत ने चेक अमांउट भी चुकाने के दिए आदेश
इसके अगले साल समिति ने 29 मार्च 2009 को फिर 80 लाख रुपये बैंक से लोन लिया। समिति ने कुछ किश्तें चुकाने के बाद किश्तें देना बंद कर दिया।
बैंक की ओर से लोन चुकाने के लिए उन्हें कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद दोनों पक्षों में वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के तहत 1.80 करोड़ रुपये 31 दिसंबर 2013 तक सहमति बनी।
लेकिन, समिति ने इस अवधि तक कोई भुगतान नहीं किया। इसके बाद उन्होंने पैसे चुकाने के लिए एक साल और मांगा। इसे बैंक ने रिजेक्ट कर दिया। फिर समिति की ओर से बैंक को लोन के बदले 58 लाख रुपये के 9 चेक दिए जो बाउंस हो गए। इसके बाद बैंक की ओर से अदालत में केस दाखिल किया गया।