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टैगोर थिएटर में 'स्वर झंकार' का आयोजन, मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Dec 2016 12:25 AM IST
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टैगोर थिएटर में स्वर झंकार का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
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संगीत नाटक अकादमी की ओर से रविवार को टैगोर थिएटर में स्वर झंकार का आयोजन किया गया। इसमें वोकलिस्ट पद्मभूषण राजन साजन मिश्रा की बेहतरीन प्रस्तुति ने लोगों का मंत्रमुग्ध कर दिया।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मनु श्रीवास्तव ने की। उन्होंने राग जैत्त श्री और और उसके बाद दो बंदिश स्लो बंदिश और विल्वंत याल से किया। विल्वंत राग में उन्होंने सपनों में आया साजन और छोटा याल में सकल गुण आगरी-नागरी गुन के साथ किया। उसके बाद वॉयलनिस्ट अतुल कुमार और पंडित हरविंदर शर्मा ने जुगलबंदी को पेश किया। इसमें राग चारू और केशी को पेश किया गया। उसके बाद राग अलाप, जोड़, झाला की शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सबसे अहम राग पहाड़ी रहा जिसमें रंगी सारी गुलाबी चुनरिया ने वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में मुकेश जादव और जयदेव ने तबले और अली ने हारमोनियम पर संगत दी।
कार्यक्रम का अंत पद्मभूषण राजन-साजन मिश्रा ने किया। जिनका तबले पर साथ मुकेश जादव और हारमोनियम पर सुधीर ने जुगलबंदी पेश की।
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इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मनु श्रीवास्तव ने की। उन्होंने राग जैत्त श्री और और उसके बाद दो बंदिश स्लो बंदिश और विल्वंत याल से किया। विल्वंत राग में उन्होंने सपनों में आया साजन और छोटा याल में सकल गुण आगरी-नागरी गुन के साथ किया। उसके बाद वॉयलनिस्ट अतुल कुमार और पंडित हरविंदर शर्मा ने जुगलबंदी को पेश किया। इसमें राग चारू और केशी को पेश किया गया। उसके बाद राग अलाप, जोड़, झाला की शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सबसे अहम राग पहाड़ी रहा जिसमें रंगी सारी गुलाबी चुनरिया ने वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में मुकेश जादव और जयदेव ने तबले और अली ने हारमोनियम पर संगत दी।
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कार्यक्रम का अंत पद्मभूषण राजन-साजन मिश्रा ने किया। जिनका तबले पर साथ मुकेश जादव और हारमोनियम पर सुधीर ने जुगलबंदी पेश की।