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मिनी थिएटर में प्रोग्राम, ‘अध्याय’ में दिखाई गंगी और श्रीधर की प्रेम कथा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 May 2017 01:06 AM IST
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संवाद थिएटर ग्रुप की ओर से नाटक अध्याय का मंचन टैगोर थिएटर के मिनी थिएटर में रविवार को किया गया। इसका आयोजन संस्कार भारती चंडीगढ़ और हरियाणा कला परिषद के सहयोग से किया गया। नाटक में त्रेता युग में आयोध्या नगरी की कहानी दिखाई गई है। कहानी एक प्रेमी जोड़े गंगी और श्रीधर के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों छोटे घराें से ताल्लुक रखते हैं। गंगी कैकयी के महल में दासी का काम करती है। वहीं श्रीधर लेबर का काम करता है। इन दोनाें के प्यार की भनक गंगी के पिता को लग जाती है। वह उनके प्यार के खिलाफ है और उन्हें मिलने से रोकता है।
एक दिन श्रीधर अचानक कैकयी के महल में पहुंच जाता है, उसे देखकर गंगी दंग रह जाती है। श्रीधर उसे कहता है कि तेरे परिवार वाले अब मान गए हैं और यही बात मैं तुझे बताने यहां आया हूं। यह सुनकर गंगी खुश हो जाती है। श्रीधर उसे कहता कि तुम्हारे परिवार ने एक शर्त रखी है जिसमें कल भगवान राम के राज्य अभिषेक के साथ ही हमारा विवाह भी हो जाएगा। मगर रात को कैकयी दशरथ से वचन ले लेती है कि राम को 14 वर्ष का बनवास दिया जाए और भरत को उसकी जगह राजा का पद मिले। इस बात के बाद गंगी और श्रीधर का विवाह की रूक जाता है। दोनाें निर्णय लेते हैं कि अगर हमारा प्यार सच्चा है तो हम भी 14 साल तक इंतजार क्योें नहीं कर सकते। इसी के साथ नाटक का अंत हो जाता है।
नाटक में इन कलाकारों ने किया मंचन
श्रीधर - विलोचन मलिक, गंगी- सलोनी, कैकयी- मधुबाला, भरत - हीरा सिंह, राम- संजय शर्मा, दशरथ - यशपाल कुमार।
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एक दिन श्रीधर अचानक कैकयी के महल में पहुंच जाता है, उसे देखकर गंगी दंग रह जाती है। श्रीधर उसे कहता है कि तेरे परिवार वाले अब मान गए हैं और यही बात मैं तुझे बताने यहां आया हूं। यह सुनकर गंगी खुश हो जाती है। श्रीधर उसे कहता कि तुम्हारे परिवार ने एक शर्त रखी है जिसमें कल भगवान राम के राज्य अभिषेक के साथ ही हमारा विवाह भी हो जाएगा। मगर रात को कैकयी दशरथ से वचन ले लेती है कि राम को 14 वर्ष का बनवास दिया जाए और भरत को उसकी जगह राजा का पद मिले। इस बात के बाद गंगी और श्रीधर का विवाह की रूक जाता है। दोनाें निर्णय लेते हैं कि अगर हमारा प्यार सच्चा है तो हम भी 14 साल तक इंतजार क्योें नहीं कर सकते। इसी के साथ नाटक का अंत हो जाता है।
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नाटक में इन कलाकारों ने किया मंचन
श्रीधर - विलोचन मलिक, गंगी- सलोनी, कैकयी- मधुबाला, भरत - हीरा सिंह, राम- संजय शर्मा, दशरथ - यशपाल कुमार।