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पीयू सीनेट के चुने 45 सदस्यों की अधिसूचना नहीं होने से सिंडिकेट का गठन फंसा
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चंडीगढ़। पीयू सीनेट का चुनाव हुए एक माह बीतने जा रहा है, पर चुने गए 45 सदस्यों की अधिसूचना अभी तक नहीं हो पाई। इसके कारण सिंडिकेट का गठन भी नहीं हो पा रहा और न ही डीन का चयन। चुने गए सदस्यों को अभी तक यह पता नहीं चल पा रहा है कि उनके नाम अधिसूचना के लिए चांसलर कार्यालय भेजे गए हैं या नहीं। यह अधिसूचना कब तक होगी, यह भी साफ नहीं। कुछ सदस्यों का कहना है कि पीयू के जिम्मेदार जान-बूझकर इस प्रकरण को लटका रहे हैं।
सीनेट के सदस्यों की संख्या 92 है, जिसमें 36 सदस्यों का मनोनयन चांसलर कार्यालय से हो चुका है। बाकी चुने गए 45 सदस्यों इस अधिसूचना का इंतजार है। जानकारों का कहना है कि पूर्व के सीनेट चुनाव की प्रक्रिया को देखें तो पहले चुनाव होते थे और उसके बाद चांसलर कार्यालय से मनोनीत सदस्यों की सूची उन्हीं चुने गए सदस्यों के साथ जारी होती थी। यानी अधिसूचना चुने गए सदस्य और मनोनीत सदस्यों की एक साथ जारी होती थी। इस बार मनोनयन सूची पहले ही जारी हो गई, इसलिए बाकी चुने गए लोगों की मंजूरी फंसी हुई है।
चुने गए सदस्यों का अधिसूचना होगी, तभी सीनेट की पहली बैठक होगी और उसी बैठक में सिंडिकेट का चुनाव होगा। सिंडिकेट पीयू की पहली बॉडी है जो प्रस्ताव पास करके सीनेट में भेजती है। हर माह सिंडिकेट की बैठक होती है। 15 सदस्य पीयू के विकास के लिए निर्णय लेते हैं, मगर एक साल से सिंडिकेट का गठन नहीं हो सका, क्योंकि सीनेट के चुनाव नहीं हो पाए थे। हालांकि कारण कोरोना बताया गया। इसी के साथ 11 फैकल्टी के डीन भी चुने जाने हैं। इनका कार्य विभागों का संचालन करना है। यह कार्य भी लंबित ही है। सूत्रों का कहना है कि पीयू का रुख अधिसूचना को लेकर अभी साफ नहीं है।
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सीनेट के सदस्यों की संख्या 92 है, जिसमें 36 सदस्यों का मनोनयन चांसलर कार्यालय से हो चुका है। बाकी चुने गए 45 सदस्यों इस अधिसूचना का इंतजार है। जानकारों का कहना है कि पूर्व के सीनेट चुनाव की प्रक्रिया को देखें तो पहले चुनाव होते थे और उसके बाद चांसलर कार्यालय से मनोनीत सदस्यों की सूची उन्हीं चुने गए सदस्यों के साथ जारी होती थी। यानी अधिसूचना चुने गए सदस्य और मनोनीत सदस्यों की एक साथ जारी होती थी। इस बार मनोनयन सूची पहले ही जारी हो गई, इसलिए बाकी चुने गए लोगों की मंजूरी फंसी हुई है।
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चुने गए सदस्यों का अधिसूचना होगी, तभी सीनेट की पहली बैठक होगी और उसी बैठक में सिंडिकेट का चुनाव होगा। सिंडिकेट पीयू की पहली बॉडी है जो प्रस्ताव पास करके सीनेट में भेजती है। हर माह सिंडिकेट की बैठक होती है। 15 सदस्य पीयू के विकास के लिए निर्णय लेते हैं, मगर एक साल से सिंडिकेट का गठन नहीं हो सका, क्योंकि सीनेट के चुनाव नहीं हो पाए थे। हालांकि कारण कोरोना बताया गया। इसी के साथ 11 फैकल्टी के डीन भी चुने जाने हैं। इनका कार्य विभागों का संचालन करना है। यह कार्य भी लंबित ही है। सूत्रों का कहना है कि पीयू का रुख अधिसूचना को लेकर अभी साफ नहीं है।
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