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SYL: इनेलो की धमकी पर पंजाब की चिंता बढ़ी, केंद्र से मांगी 20 कंपनियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 19 Feb 2017 09:15 AM IST
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सतलुज यमुना लिंक नहर
- फोटो : फाइल फोटो
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एसवाईएल की खुदाई के इनेलो के ऐलान के बाद पंजाब सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र से भारी सुरक्षा बल मुहैया कराने की मांग की है। पंजाब सरकार ने केंद्र से केंद्रीय सुरक्षा बलों की बीस कंपनियां मांगी हैं। वर्तमान में जो कंपनियां पंजाब में मौजूद हैं, उन्हें ईवीएम की सुरक्षा में लगाया गया है। इसी बीच जाट आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा ने पंजाब से जो कंपनियां मांगी थीं। पंजाब ने उसके लिए भी मनाकर दिया है।
खास बात है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और हरियाणा में जाट आंदोलन के कारण केंद्र सरकार और कंपनियां देने की स्थिति में नहीं है। उधर, इनेलो ने आंदोलन तेज करने की धमकी दी है। इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने दोहराया है कि इनेलो प्रदेशवासियों के साथ 23 फरवरी को हर हाल में एसवाईएल नहर की खुदाई शुरू करेगी।
23 को अंबाला में जुटेंगे इनेलो वर्कर
उन्होंने कहा है कि 23 फरवरी को इनेलो कार्यकर्ता व प्रदेश भर के लोग अंबाला शहर सब्जी मंडी में एकत्र होंगे और वहां से नहर की खुदाई के लिए पंजाब-हरियाणा की सीमा की तरफ कूच करेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि एसवाईएल हमारी जीवनरेखा है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार इसका निर्माण करवाना हमारा अधिकार है। उनकी पार्टी ने मात्र सूचना के तौर पर उपायुक्त अंबाला को पत्र भेजा था और उन्हें एसवाईएल की खुदाई के लिए किसी डीसी की इजाजत की जरूरत नहीं है।
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खास बात है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और हरियाणा में जाट आंदोलन के कारण केंद्र सरकार और कंपनियां देने की स्थिति में नहीं है। उधर, इनेलो ने आंदोलन तेज करने की धमकी दी है। इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला और प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने दोहराया है कि इनेलो प्रदेशवासियों के साथ 23 फरवरी को हर हाल में एसवाईएल नहर की खुदाई शुरू करेगी।
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23 को अंबाला में जुटेंगे इनेलो वर्कर
उन्होंने कहा है कि 23 फरवरी को इनेलो कार्यकर्ता व प्रदेश भर के लोग अंबाला शहर सब्जी मंडी में एकत्र होंगे और वहां से नहर की खुदाई के लिए पंजाब-हरियाणा की सीमा की तरफ कूच करेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि एसवाईएल हमारी जीवनरेखा है और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार इसका निर्माण करवाना हमारा अधिकार है। उनकी पार्टी ने मात्र सूचना के तौर पर उपायुक्त अंबाला को पत्र भेजा था और उन्हें एसवाईएल की खुदाई के लिए किसी डीसी की इजाजत की जरूरत नहीं है।
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किसी हाल में नहीं होने देंगे खुदाई : शिअद
सतलुज यमुना लिंक नहर
- फोटो : File Photo
शिरोमणि अकाली दल ने हरियाणा के सियासी दलों से अपील की है कि वह सतलुज-यमुना लिंक नहर मामले में पंजाब के लोगों को भड़काने वाली गतिविधियां शुरू न करें। पार्टी ने दोहराया है कि शिअद कभी भी इस प्रोजेक्ट को पूरा नहीं होने देगा, क्योंकि इससे पंजाब के किसान अपने हिस्से के पानी से वंचित रह जाएंगे।
शनिवार को जारी बयान में पार्टी सचिव और प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर का मामला हमेशा के लिए खत्म हो चुका है, क्योंकि पंजाब विधानसभा और राज्य की शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक्वायर की गई जमीन वापस लौटाने का प्रस्ताव पारित कर जमीन उसके मालिकों को वापस कर दी है। अब इस जमीन के मालिक किसान ही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के लिए अब यह मामला जीवन और मृत्यु का संघर्ष है, क्योंकि राज्य में बीते वर्षों के दौरान पहले ही भूजल का स्तर काफी नीचे जा चुका है।
डॉ. चीमा ने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) सहित हरियाणा के सियासी दल नहर की खुदाई संबंधी बयान देकर भड़काने की राजनीति कर रहे हैं। ऐसे बयान से दोनों राज्यों के बीच तनाव और हिंसा भी भड़क सकती है, जो किसी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि शिअद पंजाब के हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
शनिवार को जारी बयान में पार्टी सचिव और प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर का मामला हमेशा के लिए खत्म हो चुका है, क्योंकि पंजाब विधानसभा और राज्य की शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक्वायर की गई जमीन वापस लौटाने का प्रस्ताव पारित कर जमीन उसके मालिकों को वापस कर दी है। अब इस जमीन के मालिक किसान ही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के लिए अब यह मामला जीवन और मृत्यु का संघर्ष है, क्योंकि राज्य में बीते वर्षों के दौरान पहले ही भूजल का स्तर काफी नीचे जा चुका है।
डॉ. चीमा ने कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) सहित हरियाणा के सियासी दल नहर की खुदाई संबंधी बयान देकर भड़काने की राजनीति कर रहे हैं। ऐसे बयान से दोनों राज्यों के बीच तनाव और हिंसा भी भड़क सकती है, जो किसी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि शिअद पंजाब के हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।