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SYL मुद्दा: स्वार्थ में जनहित की अनदेखी कर रही पंजाब सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:23 PM IST
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कैप्टन अभिमन्यू
- फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा है कि एसवाईएल को लेकर पंजाब सरकार की ओर से लिए जा रहे निर्णय पूरी तरह से गैरकानूनी और अराजकता फैलाने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट में एसवाईएल का मामला तेजी से अपने मुकाम की ओर से बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ताज घटनाक्रम से पूरी तरह से अवगत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे मिलने गए प्रदेश के आठ सांसदों को भी इस मसले पर हरियाणा के हितों की रक्षा के प्रति पूर्ण रूप से आश्वस्त किया है।
कैप्टन अभिमन्यु वीरवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मीडिया गैलरी में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मसले पर लगातार भारत सरकार के मंत्रियों तथा हरियाणा एवं पंजाब के राज्यपाल से संपर्क बनाए हुए है। पंजाब के राजनैतिक नेतृत्व को चेताते हुए कहा कि पंजाब सरकार स्वार्थी रवैया अपना रही है। बादल सरकार अपने स्वार्थ में आम जनता को न झोंके, अन्यथा इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
कहा कि ‘यदि कोई नहर को पाटना जानता है तो वे उसे बनाना भी जानते हैं’। उन्होंने उम्मीद जताई की एसवाईएल नहर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हरियाणा के पक्ष में आएगा। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि किसी भी देश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन राष्ट्रहित में होता है। इसी दिशा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत की सभी नदियों को आपस में जोड़ने की योजना बनाई थी ताकि देश की सभी हिस्सों को पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हों और देश से सुखे व बाढ़ जैसी समस्याएं भी खत्म हो जाए।
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एसवाईएल नहर को ताजा घटनाक्रम पर अफसोस जताते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ तो अटल बिहारी वाजपेयी जैसे लोगों की महान सोच है और दूसरी तरफ असंवैधानिक निर्णय लेने और अराजकता फैलाने की होड़ लगी हुई है। पहले तो पंजाब में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह ने अंतरराज्यीय जल समझौते को निरस्त कर दिया था और अब वर्तमान पंजाब सरकार एसवाईएल नहर को लेकर असंवैधानिक कृत्य कर रही है।
एसवाईएल को लेकर हरियाणा द्वारा अधिगृहित की गई भूमि की राशि का चैक पंजाब द्वारा लौटाए जाने के संबध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी कानुन तब तक पास नहीं होता जब तक उस पर राज्यपाल अपनी मुहर न लगाए, ऐसे में बिना कानुन बने हरियाणा को चैक लौटाने से पंजाब सरकार को ऑडिट में दिक्कतें आ सकती हैं।
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कैप्टन अभिमन्यु वीरवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मीडिया गैलरी में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस मसले पर लगातार भारत सरकार के मंत्रियों तथा हरियाणा एवं पंजाब के राज्यपाल से संपर्क बनाए हुए है। पंजाब के राजनैतिक नेतृत्व को चेताते हुए कहा कि पंजाब सरकार स्वार्थी रवैया अपना रही है। बादल सरकार अपने स्वार्थ में आम जनता को न झोंके, अन्यथा इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
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कहा कि ‘यदि कोई नहर को पाटना जानता है तो वे उसे बनाना भी जानते हैं’। उन्होंने उम्मीद जताई की एसवाईएल नहर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हरियाणा के पक्ष में आएगा। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि किसी भी देश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन राष्ट्रहित में होता है। इसी दिशा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत की सभी नदियों को आपस में जोड़ने की योजना बनाई थी ताकि देश की सभी हिस्सों को पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हों और देश से सुखे व बाढ़ जैसी समस्याएं भी खत्म हो जाए।
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एसवाईएल नहर को ताजा घटनाक्रम पर अफसोस जताते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ तो अटल बिहारी वाजपेयी जैसे लोगों की महान सोच है और दूसरी तरफ असंवैधानिक निर्णय लेने और अराजकता फैलाने की होड़ लगी हुई है। पहले तो पंजाब में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह ने अंतरराज्यीय जल समझौते को निरस्त कर दिया था और अब वर्तमान पंजाब सरकार एसवाईएल नहर को लेकर असंवैधानिक कृत्य कर रही है।
एसवाईएल को लेकर हरियाणा द्वारा अधिगृहित की गई भूमि की राशि का चैक पंजाब द्वारा लौटाए जाने के संबध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी कानुन तब तक पास नहीं होता जब तक उस पर राज्यपाल अपनी मुहर न लगाए, ऐसे में बिना कानुन बने हरियाणा को चैक लौटाने से पंजाब सरकार को ऑडिट में दिक्कतें आ सकती हैं।