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पंजाब के पानी पर किसी दूसरे राज्य का हक नहीं: CM बादल
ब्यूरो/अमर उजाला, लंबी (मुक्तसर)
Updated Mon, 04 Apr 2016 05:00 PM IST
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पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल
- फोटो : फाइल फोटो
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने जल समझौते पर बात करते हुए कहा कि राजस्थान, हरियाणा या अन्य किसी भी राज्य का पंजाब के पानी पर कोई अधिकार नहीं है। केंद्र व राज्य की पूर्व कांग्रेस सरकारों ने पंजाब के साथ हमेशा पक्षपात किया है। पानी के समझौतों में सूबे को उसके हकों से वंचित रखा गया। अगर पंजाब राजस्थान और हरियाणा समेत अन्य किसी भी राज्य को पानी न दे रहा होता तो आज प्रदेश में गिर रहे जल स्तर की समस्या पैदा ही नहीं होनी थी।
मुख्यमंत्री बादल ने यह बात सोमवार को लंबी हलके में संगत दर्शन कार्यक्रम दौरान गांव रानीवाला में प्रेसवार्ता दौरान कही। उन्होंने कहा कि नहरी पानी की अनहोंद में पंजाब के किसानों को ट्यूबवैल के जरिए सिंचाई करनी पड़ती है। जिस कारण जमीन के नीचले पानी का स्तर खतरनाक हद तक गिर गया है। सूबे के पानी के उचित हिस्से को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले में बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार है।
बादल बोले कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए पानी की एक बूंद भी फालतू नहीं है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल शुरु से ही सतलुज यमुना लिंक नहर का विरोध करता आया है। आज भी शिअद इसे न बनने देने के अपने स्टेंड पर खड़ा है। श्री बादल ने कहा कि ऐसा कोई भी समझौता जो पंजाब की आर्थिकता को तबाह कर सकता हो, उसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत पानी के विश्व भर में माने जाने वाले सिद्धांतों को अनदेखा किया गया। इसलिए हर पंजाबी को इस समझौते का विरोध करना चाहिए। यही नहीं सूबे के पानी की रक्षा के लिए संघर्ष को तैयार रहना चाहिए।
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कैप्टन लड़ कर देख लें एसजीपीसी चुनाव भी
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा एसजीपीसी चुनाव लड़ने की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए सीएम बोले कि कैप्टन को एसजीपीसी चुनाव लड़ने से किसी ने नहीं रोका। लोकतंत्र में कोई भी किसी तरह का चुनाव लड़ने को स्वतंत्र है। मगर कांग्रेस पार्टी और कैप्टन अमरिंदर सिंह यह याद रखें कि उनकी पार्टी जब कभी भी ऐसा करने की कोशिश करती आई है तब-तब उसे मुंह की खानी पड़ी है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा की जा रही बयानबाजी पर बादल बोले कि डॉ. सिद्धू उनकी बेटी समान हैं। वह इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे।
केंद्र को स्वर्णकारों की मांगों पर विचार करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को स्वर्णकारों को कुछ रियायतें जरुर देनी चाहिएं। इस समय स्वर्णकारों पर बड़ा बोझ है। आज समय की जरुरत है कि स्वर्णकारों की मांगों पर हमदर्दी के साथ विचार किया जाए। बादल बोले कि उन्होंने इस मामले में पहले ही केंद्र को चिट्ठी लिखकर इस मामले में पुर्न:विचार करने की अपील की है।
कांग्रेस पर राज्य से सौतेले व्यवहार का आरोप
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए सीएम बोले कि कांग्रेस ने हमेशा ही राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किया है। सूबे से उसकी राजधानी, पंजाबी बोलते इलाके व पानी के हिस्से से मरहूम रखा गया। कांग्रेस ने सिखों के सामाजिक, सियासी, आर्थिक व धार्मिक मामलों में अनावश्यक दखलंदाजी कर सिखों के दिलों पर गहरी चोट की है। दिल्ली में सिख विरोधी दंगों व श्री दरबार साहिब पर हमले के लिए लोग कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से किसानों की दयनीय हालत के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही मौजूदा केंद्र सरकार से किसानों की फसलों के फायदेमंद दाम तय करने की बात पर जोर दिया। सीएम ने गांव पन्नीवाल फत्ता, मिड्ढा, मोहला, रत्ता टिब्बा, करम पट्टी, रानीवाला आदि गांवों में संगत दर्शन कर पंचायतों की मुश्किलें सुनीं।
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मुख्यमंत्री बादल ने यह बात सोमवार को लंबी हलके में संगत दर्शन कार्यक्रम दौरान गांव रानीवाला में प्रेसवार्ता दौरान कही। उन्होंने कहा कि नहरी पानी की अनहोंद में पंजाब के किसानों को ट्यूबवैल के जरिए सिंचाई करनी पड़ती है। जिस कारण जमीन के नीचले पानी का स्तर खतरनाक हद तक गिर गया है। सूबे के पानी के उचित हिस्से को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले में बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार है।
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बादल बोले कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए पानी की एक बूंद भी फालतू नहीं है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल शुरु से ही सतलुज यमुना लिंक नहर का विरोध करता आया है। आज भी शिअद इसे न बनने देने के अपने स्टेंड पर खड़ा है। श्री बादल ने कहा कि ऐसा कोई भी समझौता जो पंजाब की आर्थिकता को तबाह कर सकता हो, उसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत पानी के विश्व भर में माने जाने वाले सिद्धांतों को अनदेखा किया गया। इसलिए हर पंजाबी को इस समझौते का विरोध करना चाहिए। यही नहीं सूबे के पानी की रक्षा के लिए संघर्ष को तैयार रहना चाहिए।
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कैप्टन लड़ कर देख लें एसजीपीसी चुनाव भी
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा एसजीपीसी चुनाव लड़ने की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए सीएम बोले कि कैप्टन को एसजीपीसी चुनाव लड़ने से किसी ने नहीं रोका। लोकतंत्र में कोई भी किसी तरह का चुनाव लड़ने को स्वतंत्र है। मगर कांग्रेस पार्टी और कैप्टन अमरिंदर सिंह यह याद रखें कि उनकी पार्टी जब कभी भी ऐसा करने की कोशिश करती आई है तब-तब उसे मुंह की खानी पड़ी है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू द्वारा की जा रही बयानबाजी पर बादल बोले कि डॉ. सिद्धू उनकी बेटी समान हैं। वह इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे।
केंद्र को स्वर्णकारों की मांगों पर विचार करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को स्वर्णकारों को कुछ रियायतें जरुर देनी चाहिएं। इस समय स्वर्णकारों पर बड़ा बोझ है। आज समय की जरुरत है कि स्वर्णकारों की मांगों पर हमदर्दी के साथ विचार किया जाए। बादल बोले कि उन्होंने इस मामले में पहले ही केंद्र को चिट्ठी लिखकर इस मामले में पुर्न:विचार करने की अपील की है।
कांग्रेस पर राज्य से सौतेले व्यवहार का आरोप
कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए सीएम बोले कि कांग्रेस ने हमेशा ही राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किया है। सूबे से उसकी राजधानी, पंजाबी बोलते इलाके व पानी के हिस्से से मरहूम रखा गया। कांग्रेस ने सिखों के सामाजिक, सियासी, आर्थिक व धार्मिक मामलों में अनावश्यक दखलंदाजी कर सिखों के दिलों पर गहरी चोट की है। दिल्ली में सिख विरोधी दंगों व श्री दरबार साहिब पर हमले के लिए लोग कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से किसानों की दयनीय हालत के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही मौजूदा केंद्र सरकार से किसानों की फसलों के फायदेमंद दाम तय करने की बात पर जोर दिया। सीएम ने गांव पन्नीवाल फत्ता, मिड्ढा, मोहला, रत्ता टिब्बा, करम पट्टी, रानीवाला आदि गांवों में संगत दर्शन कर पंचायतों की मुश्किलें सुनीं।