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बढ़ती सर्दी के साथ स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई मुश्किलें, कैंसर पीड़ित बच्चा जूझ रहा बीमारी से...10 की मौत
Fri, 01 Feb 2019 10:26 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/जीरकपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 01 Feb 2019 10:26 AM IST
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swine flu
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बढ़ती सर्दी के साथ स्वाइन फ्लू भी खतरनाक होता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, कई का इलाज चल रहा है। अकेले चंडीगढ़ में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। जीरकपुर में एक कैंसर पीड़ित बच्चा इस बीमारी से जूझ रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल मरीजों की संख्या ज्यादा है। साल 2018 में स्वाइन फ्लू के सिर्फ दो ही केस आए थे।
हालांकि, चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि मौत की जांच की जा रही है। अब तक विभाग की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। स्वाइन फ्लू का सीजन अक्तूबर में शुरू होता है, जबकि दिसंबर तक कोई भी केस नहीं आया। जनवरी आते ही फ्लू से पीड़ितों का ग्राफ ऊपर चला गया।
पीजीआई के मुताबिक संस्थान में अब तक कुल 71 केस सामने आए हैं। इनमें पंजाब से 36 केस, हरियाणा से 22, हिमाचल प्रदेश से छह केस, चंडीगढ़ से चार केस व उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश व जम्मू कश्मीर का एक-एक केस शामिल है। पीजीआई में अब तक 24 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 15 मौतें पंजाब की हैं। हिमाचल व हरियाणा से तीन-तीन मौतें व दो मौतें चंडीगढ़ की हैं।
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हालांकि, चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि मौत की जांच की जा रही है। अब तक विभाग की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। स्वाइन फ्लू का सीजन अक्तूबर में शुरू होता है, जबकि दिसंबर तक कोई भी केस नहीं आया। जनवरी आते ही फ्लू से पीड़ितों का ग्राफ ऊपर चला गया।
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पीजीआई के मुताबिक संस्थान में अब तक कुल 71 केस सामने आए हैं। इनमें पंजाब से 36 केस, हरियाणा से 22, हिमाचल प्रदेश से छह केस, चंडीगढ़ से चार केस व उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश व जम्मू कश्मीर का एक-एक केस शामिल है। पीजीआई में अब तक 24 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा 15 मौतें पंजाब की हैं। हिमाचल व हरियाणा से तीन-तीन मौतें व दो मौतें चंडीगढ़ की हैं।
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डेराबस्सी में स्वाइन फ्लू का एक और मरीज आया सामने
सब डिवीजन डेराबस्सी में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वीरवार को डेराबस्सी के शहरी क्षेत्र में से एक ओर मरीज सामने आया है, जिसकी पहचान शैली मेहता पत्नी राकेश कुमार निवासी शिवपुरी मोहल्ला के रूप में हुई है। पीड़ित महिला को यहां के एक निजी अस्पताल मे दाखिल करवाया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। डेराबस्सी सब डिवीजन में अब तक इस बीमारी के साथ नौ मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। 42 साल की मरीज शैली मेहता पत्नी राकेश कुमार बीते कई दिनों से बुखार व खांसी के साथ पीड़ित थी, जिसको बीती 27 तारीख को यहां के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद में सेहत विभाग की ओर से पीड़ित महिला के पारिवारिक सदस्यों को निजी अस्पताल में जाकर जरूरी दवा दी गई। इसके अलावा सेहत विभाग की टीम की ओर से शिवपुरी मोहल्ले में घर घर जा कर सर्वे किया। इस दौरान टीम को कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। सेहत विभाग की टीम की तरफ से लोगों को इस बीमारी प्रति जागरूक करते कहा कि खांसी व बुखार होने पर डाक्टरी सहायता लेनी जरूरी है। सिविल अस्पताल में इस बीमारी के लिए पूरे प्रबंध हैं। ओपीडी में हर समय दवाई उपलब्ध हैं।
एसएमओ डा. संगीता जैन ने कहा कि अब तक ब्लाक डेराबस्सी में नौ केस सामने आ चुके हैं, जिनमें दो केस बनूड़ के हैं और बाकी मामलों में दो जीरकपुर और पांच मामले डेराबस्सी के शामिल हैं। इनमें से गांव इबराहिमपुर निवासी साठ सालों की सुरिंदर कौर पत्नी अवतार सिंह व 23 सालों का गांव दंदराला निवासी गुरप्रीत सिंह की मौत हो चुकी है। बाकी मरीजों में गांव मेहमदपुर निवासी साठ वर्षीय बहादुर सिंह, शक्ति नगर निवासी रवींद्र सिंह व आज सामने आई शैली मेहता शामिल हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके अलावा जीरकपुर में दो मामले सामने आ चुुुके हैं, जिनमें बलटाना निवासी एक दो सालों का बच्चा और ढकोली निवासी अजैब कौर शामिल है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद में सेहत विभाग की ओर से पीड़ित महिला के पारिवारिक सदस्यों को निजी अस्पताल में जाकर जरूरी दवा दी गई। इसके अलावा सेहत विभाग की टीम की ओर से शिवपुरी मोहल्ले में घर घर जा कर सर्वे किया। इस दौरान टीम को कोई भी संदिग्ध मरीज नहीं मिला। सेहत विभाग की टीम की तरफ से लोगों को इस बीमारी प्रति जागरूक करते कहा कि खांसी व बुखार होने पर डाक्टरी सहायता लेनी जरूरी है। सिविल अस्पताल में इस बीमारी के लिए पूरे प्रबंध हैं। ओपीडी में हर समय दवाई उपलब्ध हैं।
एसएमओ डा. संगीता जैन ने कहा कि अब तक ब्लाक डेराबस्सी में नौ केस सामने आ चुके हैं, जिनमें दो केस बनूड़ के हैं और बाकी मामलों में दो जीरकपुर और पांच मामले डेराबस्सी के शामिल हैं। इनमें से गांव इबराहिमपुर निवासी साठ सालों की सुरिंदर कौर पत्नी अवतार सिंह व 23 सालों का गांव दंदराला निवासी गुरप्रीत सिंह की मौत हो चुकी है। बाकी मरीजों में गांव मेहमदपुर निवासी साठ वर्षीय बहादुर सिंह, शक्ति नगर निवासी रवींद्र सिंह व आज सामने आई शैली मेहता शामिल हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके अलावा जीरकपुर में दो मामले सामने आ चुुुके हैं, जिनमें बलटाना निवासी एक दो सालों का बच्चा और ढकोली निवासी अजैब कौर शामिल है।
जीरकपुर में कैंसर से पीड़ित दो साल के बच्चे को स्वाइन फ्लू
सर्द हवाओं ने लोगों में स्वाइन फ्लू की दहशत को और ज्यादा बढ़ा दिया है। क्योंकि सर्दी में स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से फैलता है। जीरकपुर में दो नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बलटाना के गोविंद विहार के ब्लड कैंसर से पीड़ित दो साल के बच्चे में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ इंसपेक्टर लखविंदर सिंह ने बताया कि बच्चा अपने माता पिता के साथ बाड़मेर में रहता था।
जहां बच्चे को कैंसर डिटेक्ट हुआ तो उपचार के लिए वह चंडीगढ़ पीजीआई में आए। डॉक्टरों की माने तो कैंसर के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होता है, इसलिए बच्चा स्वाइन फ्लू वायरस के संपर्क में उपचार के दौरान आया होगा। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद बच्चे को चंडीगढ़ सेक्टर 32 के जीएमसीएच में दाखिल करवाया गया है।
डॉक्टरों की माने तो बच्चों के स्वाइन फ्लू वायरस से संक्रमित होने की संभावनाएं अधिक होती हैं क्योंकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले बहुत कम होती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोविंद विहार के करीब चालिस घरों का सर्वे करवाया है। वहीं बच्चे के संपर्क में आने वाले नौ लोगों को टेमी फ्लू दवा दे दी गई है। इसके अलावा जीरकपुर के पंचकूूला रोड स्थित न्यू जेनरेशन अपार्टमेंट में एक 53 साल की महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। महिला का उपचार चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
जहां बच्चे को कैंसर डिटेक्ट हुआ तो उपचार के लिए वह चंडीगढ़ पीजीआई में आए। डॉक्टरों की माने तो कैंसर के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होता है, इसलिए बच्चा स्वाइन फ्लू वायरस के संपर्क में उपचार के दौरान आया होगा। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद बच्चे को चंडीगढ़ सेक्टर 32 के जीएमसीएच में दाखिल करवाया गया है।
डॉक्टरों की माने तो बच्चों के स्वाइन फ्लू वायरस से संक्रमित होने की संभावनाएं अधिक होती हैं क्योंकि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ों के मुकाबले बहुत कम होती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोविंद विहार के करीब चालिस घरों का सर्वे करवाया है। वहीं बच्चे के संपर्क में आने वाले नौ लोगों को टेमी फ्लू दवा दे दी गई है। इसके अलावा जीरकपुर के पंचकूूला रोड स्थित न्यू जेनरेशन अपार्टमेंट में एक 53 साल की महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। महिला का उपचार चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।