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#SwachhSurvekshan2017 में चंडीगढ़ की रैकिंग गिरी, दूसरे से 11वें पर पहुंचा
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 05 May 2017 09:37 AM IST
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चंडीगढ़ शहर
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देश भर के 434 शहरों एवं नगरों में कराये गए स्वच्छता सर्वेक्षण में चंडीगढ़ की रैकिंग इस बार गिर गई। शहर दूसरे नंबर से 11वें नंबर पर आ गया। वहीं पंचकूला और मोहाली की रैकिंग भी काफी नीचे आ गई। पंचकूला 211वें नंबर पर और मोहाली 121वें नंबर पर। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडु ने एक कार्यक्रम में रैंकिंग के अनुसार शहरों की सूची जारी की।
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में जो साफ सफाई की कैटेगरी थी उसमे चंडीगढ़ टाप पर रहा है लेकिन आल ओवर कैटेगरी में रैकिंग गिरी है। जिसमे गारबेज प्लांट, डोर टू डोर गारबेज सिस्टम, गीला और सूखा कूड़ा अलग इकट्ठा लोगों द्वारा दी जाने वाली फीडबैक में पिछड़ गए हैं इन खामियों को दूर करने के लिए अब कदम उठाएंगे जाएंगे। डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करने वालों से जल्द बैठक की जाएगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल का कहना है कि यह काफी अफसोस वाली बात है कि चंडीगढ़ साफ सफाई में पिछड़ गया है। उनका कहना है कि दूसरे से 11 वें नंबर पर आना काफी गंभीरता वाली बात है। कांग्रेस मेयर के समय चंडीगढ़ को नंबर-1 का भी अवार्ड मिल चुका है। प्रशासन और नगर निगम को चाहिए जहां जहां पर खामियां है उसे दूर किया जाना चाहिए।
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वाटर सप्लाई कमेटी के चेयरमैन सतीश कैंथ का कहना है कि शहर को खुले में शौच मुक्त बनाने केलिए जो रीलोकेटिड पब्लिक टायलेट लगाए गए है उनकी काफी खस्ता हालत है। उनका कहना है कि जब स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम आई थी तब भी पानी लीक कर रहा था। उनका कहना है कि अधिकारियों ने उस समय भी किसी भी पार्षद को विश्वासन में नहीं लिया। दूसरे से 11 वें नंबर पर पहुंचना जांच का विषय है।
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मेयर आशा जसवाल का कहना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में जो साफ सफाई की कैटेगरी थी उसमे चंडीगढ़ टाप पर रहा है लेकिन आल ओवर कैटेगरी में रैकिंग गिरी है। जिसमे गारबेज प्लांट, डोर टू डोर गारबेज सिस्टम, गीला और सूखा कूड़ा अलग इकट्ठा लोगों द्वारा दी जाने वाली फीडबैक में पिछड़ गए हैं इन खामियों को दूर करने के लिए अब कदम उठाएंगे जाएंगे। डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करने वालों से जल्द बैठक की जाएगी।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल का कहना है कि यह काफी अफसोस वाली बात है कि चंडीगढ़ साफ सफाई में पिछड़ गया है। उनका कहना है कि दूसरे से 11 वें नंबर पर आना काफी गंभीरता वाली बात है। कांग्रेस मेयर के समय चंडीगढ़ को नंबर-1 का भी अवार्ड मिल चुका है। प्रशासन और नगर निगम को चाहिए जहां जहां पर खामियां है उसे दूर किया जाना चाहिए।
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वाटर सप्लाई कमेटी के चेयरमैन सतीश कैंथ का कहना है कि शहर को खुले में शौच मुक्त बनाने केलिए जो रीलोकेटिड पब्लिक टायलेट लगाए गए है उनकी काफी खस्ता हालत है। उनका कहना है कि जब स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम आई थी तब भी पानी लीक कर रहा था। उनका कहना है कि अधिकारियों ने उस समय भी किसी भी पार्षद को विश्वासन में नहीं लिया। दूसरे से 11 वें नंबर पर पहुंचना जांच का विषय है।
इन पैमानों पर मापा गया सफाई का हाल
चंडीगढ़ का पहला क्लोरीलीफ फ्लाईओवर
देश के 434 शहरों और नगरों में कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण के मुताबिक, इसमें हिस्सा लेने वाले 83 फीसदी से अधिक लोगों ने बताया कि उनका इलाके में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा साफ-सफाई देखने को मिली है।
सरकार की ओर से जारी सर्वेक्षण नतीजों में यह बात भी सामने आई है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 के अनुसार, 82% से ज्यादा नागरिकों ने स्वच्छता बुनियादी ढांचा और अधिक कूड़ेदान की उपलब्धता के अलावा घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करने जैसी सेवाओं में सुधार पर बात की, जबकि 80% लोगों ने सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों तक बेहतर पहुंच बनाए जाने पर जोर दिया।
इसमें यह भी कहा गया है कि 404 शहरों और कस्बों के 75 फीसदी आवासीय क्षेत्र में ज्यादा सफाई देखी गई। इसके साथ ही 185 शहरों में रेलवे स्टेशन के आसपास का पूरा इलाका स्वच्छ बताया गया है।
सरकार की ओर से जारी सर्वेक्षण नतीजों में यह बात भी सामने आई है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2017 के अनुसार, 82% से ज्यादा नागरिकों ने स्वच्छता बुनियादी ढांचा और अधिक कूड़ेदान की उपलब्धता के अलावा घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करने जैसी सेवाओं में सुधार पर बात की, जबकि 80% लोगों ने सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों तक बेहतर पहुंच बनाए जाने पर जोर दिया।
इसमें यह भी कहा गया है कि 404 शहरों और कस्बों के 75 फीसदी आवासीय क्षेत्र में ज्यादा सफाई देखी गई। इसके साथ ही 185 शहरों में रेलवे स्टेशन के आसपास का पूरा इलाका स्वच्छ बताया गया है।