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SYL का असर: चुनिंदा हरियाणा रोडवेज बसों ने ही पकड़ी पंजाब की राह
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 12 Nov 2016 10:58 PM IST
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हरियाणा रोडवेज बस
- फोटो : file photo
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हरियाणा सरकार सतलुज-यमुना लिंक नहर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद पंजाब में रोडवेज बसें भेजने को लेकर सावधानी बरत रही है। शनिवार को भी डिपो महाप्रबंधकों ने हरियाणा के साथ लगते पंजाब के क्षेत्रों में ही बस सेवा शुरू की। लंबे रूट पर बसों को नहीं भेजा गया। आगजनी और तोड़फोड़ के डर से चालक-परिचालक बसें ले जाने से भी मना कर रहे हैं।
अमृतसर और जम्मू के लिए रोडवेज की कोई भी बस रवाना नहीं हुई। हालांकि, सरकार व परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर बाद ही बसें चलाने के निर्देश दे दिए थे। बावजूद इसके चालक-परिचालक बसों को नहीं ले जा रहे हैं। लुधियाना, पटियाला, जालंधर और अन्य लंबे रूट पर भी इक्का-दुक्का बसें ही गईं। सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, जींद, अंबाला व कुरुक्षेत्र डिपो की बसों ने 50 किलोमीटर के दायरे में ही रूटों पर सेवाएं दीं।
सभी बसों के पंजाब न जाने से दो दिन में लगभग तीस लाख राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। हरियाणा परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस ढिल्लों ने कहा कि डिपो महाप्रबंधक सभी बसों को चलाने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन स्टाफ जाने से कतरा रहा है। लोगों को हो रही परेशानी से वह वाकिफ हैं, लेकिन चालकों-परिचालकों को जबरदस्ती नहीं भेजा सकता। पंजाब के हालात पर डिपो महाप्रबंधक अपने स्तर पर नजर रख रहे हैं। जल्द बस सेवा शुरू हो जाएगी।
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अमृतसर और जम्मू के लिए रोडवेज की कोई भी बस रवाना नहीं हुई। हालांकि, सरकार व परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर बाद ही बसें चलाने के निर्देश दे दिए थे। बावजूद इसके चालक-परिचालक बसों को नहीं ले जा रहे हैं। लुधियाना, पटियाला, जालंधर और अन्य लंबे रूट पर भी इक्का-दुक्का बसें ही गईं। सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, जींद, अंबाला व कुरुक्षेत्र डिपो की बसों ने 50 किलोमीटर के दायरे में ही रूटों पर सेवाएं दीं।
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सभी बसों के पंजाब न जाने से दो दिन में लगभग तीस लाख राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। हरियाणा परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस ढिल्लों ने कहा कि डिपो महाप्रबंधक सभी बसों को चलाने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन स्टाफ जाने से कतरा रहा है। लोगों को हो रही परेशानी से वह वाकिफ हैं, लेकिन चालकों-परिचालकों को जबरदस्ती नहीं भेजा सकता। पंजाब के हालात पर डिपो महाप्रबंधक अपने स्तर पर नजर रख रहे हैं। जल्द बस सेवा शुरू हो जाएगी।
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