Firozpur News: सतलुज नदी की बाढ़ में बहा पुल, 18 स्कूलों में 29 तक छुट्टी, कालू वाला में पानी ने मचाई तबाही
मंगलवार को कालू वाला में बाढ़ से कई मकान ढह गए। ग्रामीण अपने मकानों की छत पर सामान लेकर बैठे हैं। कई ग्रामीणों ने वहां बने सरकारी प्राइमरी स्कूल में पनाह ली है। पानी घरों में घुस गया है। कालू वाला गांव तीन ओर से नदी से घिरा है। नदी और गांव एक जैसे महसूस हो रहे हैं। कई लोग अपने पशुओं के साथ वहां पर फंसे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे गांव ढाणी नत्था सिंह वाला में सतलुज नदी अचानक उफान पर आ गई। पानी की मार से नदी पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण कंटीली तार पार की पांच ढाणियों का जलालाबाद से संपर्क टूट गया है।
उधर, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित ग्रामीणों में सरकार व प्रशासन के प्रति भारी रोष देखने को मिल रहा है। ढाणी नत्था सिंह वाला जहां से भारत-पाक सीमा की दूरी महज डेढ़ किमी है, में नदी में उफान से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सतलुज नदी में आई बाढ़ के कारण दो नाव की मांग की थी लेकिन प्रशासन ने सिर्फ एक नाव मुहैया करवाई है। नाव में सिर्फ 10 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे ग्रामीणों को राशन, मेडिकल सहायता और पशुओं का चारा नहीं मुहैया करवा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पुल भी बह गया है। इस कारण गांव का शहर से संपर्क टूट गया है।
कालू वाला में बाढ़ ने मचाई तबाही, गिरे मकान, छतों पर बैठे ग्रामीण
मंगलवार को कालू वाला में बाढ़ से कई मकान ढह गए। ग्रामीण अपने मकानों की छत पर सामान लेकर बैठे हैं। कई ग्रामीणों ने वहां बने सरकारी प्राइमरी स्कूल में पनाह ली है। पानी घरों में घुस गया है। कालू वाला गांव तीन ओर से नदी से घिरा है। नदी और गांव एक जैसे महसूस हो रहे हैं। कई लोग अपने पशुओं के साथ वहां पर फंसे हैं।
मलकीत सिंह व सतनाम सिंह ने बताया कि नदी उफान पर है। नदी का पानी उनके गांव में तेजी से बढ़ रहा है। पानी ने कई मकानों को नुकसान पहुंचाया है। कुछ मकान पानी के कारण गिर चुके हैं। बहुत से ग्रामीण अपने खाने-पीन और अन्य घरेलू सामान लेकर मकानों की छत पर बैठे हैं। कई ग्रामीणों ने यहां बने सरकारी प्राइमरी स्कूल में पनाह ली है। पानी से नौ बहराम शेर सिंह वाला गांव को भी नुकसान पहुंचा है।
फिरोजपुर के आठ व फाजिल्का के 10 स्कूल 29 जुलाई तक बंद
उधर, फिरोजपुर के आठ और फाजिल्का के 10 स्कूलों में 29 जुलाई तक छुट्टी घोषित की है। उक्त स्कूल बाढ़ प्रभावित गांव में हैं। डीसी राजेश धीमान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थापित स्कूल जैसे सरकारी स्कूल आले वाला, सरकारी सेकेंडरी स्कूल धीरा-घारा, सरकारी सेकेंडरी स्कूल नौ बहराम शेर सिंह वाला, सरकारी प्राइमरी स्कूल धीरा-घारा, निहाला लवेरा, कालेके हिठाड़ व बंडाला के स्कूल में 25 जुलाई से 29 जुलाई तक छुट्टी घोषित की है।
फाजिल्का की डीसी डॉ. सेनू दुग्गल ने कहा कि सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल झंगड़ भैनी, सरकारी प्राइमरी स्कूल गुलाबा भैनी, सरकारी प्राइमरी स्कूल ढाणी न्योता सिंह, सरकारी प्राइमरी स्कूल दोना नानका, सरकारी प्राइमरी स्कूल तेजा रुहेला, सरकारी प्राइमरी स्कूल गट्टी नंबर 1, सरकारी प्राइमरी स्कूल मुहार जमशेर, सरकारी प्राइमरी स्कूल महात्म नगर, सरकारी प्राइमरी स्कूल ढाणी नत्था सिंह और सरकारी प्राइमरी स्कूल आतू वाला 29 जुलाई तक बंद रहेंगे।