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रिंदा की मौत पर सस्पेंस: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां जिंदा साबित करने में जुटीं, फेसबुक अकाउंट से किया ये दावा

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 20 Nov 2022 10:12 PM IST
सार

अदालतों में चल रहे केस में रिंदा के मृत होने का सबूत पेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनेगा। मौत के एक दिन बाद रिंदा के नाम से बना फेसबुक अकाउंट सामने आया है।

आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा।
आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा। - फोटो : ट्विटर
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विस्तार

पाकिस्तान में आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा की मौत के मामले में सस्पेंस बरकरार है। मामले में जहां भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं वहीं पाकिस्तान समर्थित एजेंसियां व गैंगस्टर रिंदा को जिंदा रखने की कोशिश में जुटे हुए हैं। वहीं, अब रिंदा के नाम से बनाए गए एक फेसबुक अकाउंट से पोस्ट डाली गई, जिसमें उसके जिंदा होने का दावा किया गया। यह अकाउंट एक दिन पहले बना था। 





इन सभी चीजों पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रखे हुए हैं जबकि रिंदा के खिलाफ कई मामले अदालतों में चल रहे हैं, उसकी मौत को अदालत में साबित करना भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। अदालत में उसके मृत होने के सबूत पेश करने होंगे, दूसरी तरफ पाकिस्तान इस बारे में कभी कुछ नहीं बोलेगा क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी छवि खराब हो सकती है। 

2016-17 में पंजाब में टारगेट किलिंग का एक दौर चला था। इसमें एक के बाद एक हिंदू नेताओं को निशाना बनाया गया था। जब इस मामले की जांच हुई तो पता चला था कि इसके तार पाकिस्तान और यूरोप के देशों से जुड़े हैं। इसी बीच पता चला था कि इस मामले में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के तत्कालीन प्रमुख हरमीत सिंह पीएचडी की भूमिका अहम थी।

जब मामले की जांच चल रही थी, इस बीच 2018 में उसकी पाकिस्तान में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इससे भारत विरोधी एजेंसियों का धक्का लगा था। वहीं, उस समय वहां पर कोई ऐसा खालिस्तानी नहीं था, जिसकी पकड़ भारत में अच्छी हो। ऐसे में आईएसआई ने अपनी योजना में थोड़ा बदलाव किया, साथ ही इलाके में सक्रिय बड़े गैंगस्टरों से संपर्क कर वारदातों को अंजाम देने की रणनीति बनाई गई। 

इसी बीच अपराध की दुनिया में उभर रहे रिंदा की तरफ उनका ध्यान गया। युवा रिंदा पाकिस्तान बॉर्डर के पास का ही रहने वाला था। उसका नेटवर्क पंजाब से मुंबई तक था। ऐसी कई चीजें उसके पक्ष में थी। इसके बाद एजेंसियां ने उन्हें नेपाल और मलयेशिया के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाया। उसकी एक महिला मित्र को भी पाकिस्तान ले जाया गया। इसके बाद उन्होंने भारत के खिलाफ रिंदा का जमकर प्रयोग किया। 
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राणा नाम से लाहौर में रिंदा को दी गई थी पहचान
सूत्रों की माने तो वह लाहौर में रह रहा था। पाकिस्तान की एजेंसी ने उसे एक नए रूप में वहां मैदान में उतारा था। उसे राणा नाम दिया गया था। इसी पहचान से वह चल रहा था। यह एजेंसियां इसलिए करती हैं कि कभी भी कोई आपात स्थिति बने तो उनकी पहचान किसी भी कीमत पर उजागर न हो पाए। दूसरी तरफ हरविंदर सिंह रिंदा की मौत की खबर उसके समर्थकों तक पहुंच चुकी है। पंजाब पुलिस हर चीज पर नजर रख रही है। अब पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां किसी नए चेहरे की तलाश में जुट गई हैं। हालांकि पंजाब पुलिस के लिए रिंदा की मौत की खबर राहत वाली है।

फेसबुक पर यह डाली गई पोस्ट
आतंकी हरविंदर रिंदा के नाम से जो फेसबुक पोस्ट डाली गई, उसमें लिखा गया है उसके मरने की खबर सही नहीं है। वह पूरी तरह से ठीक और चढ़दीकलां में है। इतना ही नहीं उसकी मौत की खबर चलाने वालों को धमकी दी गई है। पोस्ट में लिखा गया है कि न्यूज चैनल नशे की ओवरडोज को मौत का कारण बता रहे हैं। पोस्ट में लिखा है न्यूज चैनल वालों को कहता हूं कि न्यूज चलाने से पहले जांच कर लिया करो। इसके अलावा पोस्ट में दिल्ली पुलिस के रिंदा के गोल्डी बराड़ के साथ संबंधों के दावे को भी गलत ठहराने की भी बात कही गई। कहा गया कि ऐसे ही उसका नाम किसी के साथ ना जोड़ा करो। हालांकि पोस्ट में कई खामियां हैं।

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