{"_id":"5eb5b3fd8ebc3e90655811c9","slug":"suspects-hospitalized-for-7-days-waiting-for-six-hour-test-report-chandigarh-news-pkl3746289139","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह घंटे की टेस्ट रिपोर्ट के इंतजार में 7 दिन से अस्पताल में भर्ती हैं संदिग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह घंटे की टेस्ट रिपोर्ट के इंतजार में 7 दिन से अस्पताल में भर्ती हैं संदिग्ध
विज्ञापन
चंडीगढ़। यह सुनने में आपको अजीब लग सकता है, लेकिन हकीकत यही है। महज 6 घंटे की टेस्ट रिपोर्ट के इंतजार में गवर्नमेंट मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 में कई संदिग्ध 7 दिनों से भर्ती हैं।
एक केस में जीएमएसएच-16 के इमरजेंसी कोविड वार्ड में बापूधाम निवासी 60 वर्षीय एक वृद्ध को कोरोना की आशंका पर 2 मई को भर्ती कराया गया था। जांच का नमूना भी उसी दिन ले लिया गया, लेकिन रिपोर्ट शुक्रवार तक नहीं आई थी। बुजुर्ग पहले से ही लकवा का शिकार है। ऐसी स्थिति में उसे लेकर उसके परिजन परेशान है। रिपोर्ट के बारे में पूछने पर उन्हें सात दिन से एक ही जवाब मिल रहा है, रिपोर्ट आने के बाद ही घर जाने को मिलेगा।
दूसरे केस में जीएमएसएच-16 में ही बापूधाम निवासी एक 7 वर्षीय बच्चे को पांच दिन से कोरोना के संदिग्ध मरीज के रूप में भर्ती किया गया है। परिजन रिपोर्ट न आने से काफी तनाव में हैं। बच्चे के साथ उसकी मां भी देखभाल के लिए हॉस्पिटल में ही है। बच्चा भी हॉस्पिटल में रहकर बार-बार घर जाने की जिद करता है, लेकिन उसकी मां के पास सिवाय दिलासा देने के कोई विकल्प नहीं है।
विज्ञापन
यह महज दो उदाहरण हैं। जीएमएसएच-16 में भर्ती 30 से ज्यादा मरीज सिर्फ इस इंतजार में हैं कि कब जांच रिपोर्ट आएगी और घर जाने को मिलेगा। हालात यह हैं कि एक मरीज का अटेंडेंट वीरवार को अपनी व्यथा बताते हुए रो पड़ा। जहां एक ओर लोग घरों से निकलने से पहले डर रहे हैं, वहीं कई मरीजों को अस्पताल के वार्ड में एक साथ रहना पड़ रहा है। लोगों को कोरोना पॉजिटिव होने का डर सता रहा है। हैरानी की बात यह है कि जो रिपोर्ट 6 घंटे में मिलती थी, वह सात दिनों में भी नहीं मिल रही है। इससे जिन लोगों को कोरोना नहीं है, वह भी भीड़ में संक्रमित होने के डर से घबरा रहे हैं। संदिग्धों में बापूधाम के 90 प्रतिशत लोग शामिल है।
सभी मरीजों के लिए एक ही शौचालय
जीएमएसएच 16 में एक दिन में 30 से 40 नए संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट पेंडिंग होने के कारण 4 दर्जन से ज्यादा मरीज अलग-अलग वार्डों में कई दिनों से भर्ती हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल प्रशासन को एक-एक वार्ड में 10 से 12 संदिग्ध मरीज रखने पड़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि उन सभी मरीजों को वार्ड में बने एक ही शौचालय का प्रयोग करना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि इस स्थिति में स्वस्थ व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है।
अस्पताल में भर्ती संदिग्ध मरीजों के जांच का नमूना इमटेक में भेजा जा रहा है। वहां से रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। इसे देखते हुए अब वहां नमूने न भेजने का निर्णय लिया जा रहा है। समय से रिपोर्ट न आने के कारण संक्रमण का खतरा तो है ही साथ ही ज्यादा मरीजों को संभालने में भी समस्या हो रही है।
-डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच-16 चंडीगढ़
विज्ञापन
एक केस में जीएमएसएच-16 के इमरजेंसी कोविड वार्ड में बापूधाम निवासी 60 वर्षीय एक वृद्ध को कोरोना की आशंका पर 2 मई को भर्ती कराया गया था। जांच का नमूना भी उसी दिन ले लिया गया, लेकिन रिपोर्ट शुक्रवार तक नहीं आई थी। बुजुर्ग पहले से ही लकवा का शिकार है। ऐसी स्थिति में उसे लेकर उसके परिजन परेशान है। रिपोर्ट के बारे में पूछने पर उन्हें सात दिन से एक ही जवाब मिल रहा है, रिपोर्ट आने के बाद ही घर जाने को मिलेगा।
विज्ञापन
दूसरे केस में जीएमएसएच-16 में ही बापूधाम निवासी एक 7 वर्षीय बच्चे को पांच दिन से कोरोना के संदिग्ध मरीज के रूप में भर्ती किया गया है। परिजन रिपोर्ट न आने से काफी तनाव में हैं। बच्चे के साथ उसकी मां भी देखभाल के लिए हॉस्पिटल में ही है। बच्चा भी हॉस्पिटल में रहकर बार-बार घर जाने की जिद करता है, लेकिन उसकी मां के पास सिवाय दिलासा देने के कोई विकल्प नहीं है।
विज्ञापन
यह महज दो उदाहरण हैं। जीएमएसएच-16 में भर्ती 30 से ज्यादा मरीज सिर्फ इस इंतजार में हैं कि कब जांच रिपोर्ट आएगी और घर जाने को मिलेगा। हालात यह हैं कि एक मरीज का अटेंडेंट वीरवार को अपनी व्यथा बताते हुए रो पड़ा। जहां एक ओर लोग घरों से निकलने से पहले डर रहे हैं, वहीं कई मरीजों को अस्पताल के वार्ड में एक साथ रहना पड़ रहा है। लोगों को कोरोना पॉजिटिव होने का डर सता रहा है। हैरानी की बात यह है कि जो रिपोर्ट 6 घंटे में मिलती थी, वह सात दिनों में भी नहीं मिल रही है। इससे जिन लोगों को कोरोना नहीं है, वह भी भीड़ में संक्रमित होने के डर से घबरा रहे हैं। संदिग्धों में बापूधाम के 90 प्रतिशत लोग शामिल है।
सभी मरीजों के लिए एक ही शौचालय
जीएमएसएच 16 में एक दिन में 30 से 40 नए संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट पेंडिंग होने के कारण 4 दर्जन से ज्यादा मरीज अलग-अलग वार्डों में कई दिनों से भर्ती हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल प्रशासन को एक-एक वार्ड में 10 से 12 संदिग्ध मरीज रखने पड़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि उन सभी मरीजों को वार्ड में बने एक ही शौचालय का प्रयोग करना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि इस स्थिति में स्वस्थ व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है।
अस्पताल में भर्ती संदिग्ध मरीजों के जांच का नमूना इमटेक में भेजा जा रहा है। वहां से रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। इसे देखते हुए अब वहां नमूने न भेजने का निर्णय लिया जा रहा है। समय से रिपोर्ट न आने के कारण संक्रमण का खतरा तो है ही साथ ही ज्यादा मरीजों को संभालने में भी समस्या हो रही है।
-डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच-16 चंडीगढ़