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Chandigarh News: बर्खास्त एआईजी राजजीत हुंदल का मोहाली अदालत ने दो दिन बढ़ाया पुलिस रिमांड
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एएनटीएफ का दावा- जांच में सहयोग नहीं कर रहे हुंदल, वित्तीय लेनदेन की कड़ियां खंगालने के लिए होगी पूछताछ
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह हुंदल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को उन्हें मोहाली की विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हुंदल का पुलिस रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दिया। अब उन्हें आठ अक्तूबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों की जांच
एएनटीएफ ने अदालत में दावा किया कि हुंदल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच एजेंसी को कथित बेनामी संपत्तियों, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन के संबंध में उनसे पूछताछ करनी है। एजेंसी इन संपत्तियों और खातों से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर कथित लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही है। यह वही नया एनडीपीएस मामला है, जिसमें हुंदल को पहले अदालत परिसर से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। इससे पहले वर्ष 2017 की एफआईआर नंबर-1 से जुड़े मामले में भी उनका चार दिन का पुलिस रिमांड लिया गया था।
2017 की एफआईआर से जुड़ी है पुरानी जांच
एफआईआर नंबर-1 वर्ष 2017 में तत्कालीन इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के खिलाफ दर्ज की गई थी। जांच के दौरान नशा तस्करों के साथ कथित मिलीभगत समेत कई गंभीर आरोप सामने आए थे। राजजीत हुंदल की भूमिका की जांच के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। बाद में वर्ष 2023 में पंजाब सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था। नए मामले में एएनटीएफ का फोकस कथित बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों की पड़ताल पर है। जांच एजेंसी इनसे जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के जरिए लेनदेन से जुड़े लोगों और पैसों के स्रोत से संबंधित कड़ियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। बर्खास्त एआईजी राजजीत सिंह हुंदल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को उन्हें मोहाली की विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हुंदल का पुलिस रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दिया। अब उन्हें आठ अक्तूबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों की जांच
एएनटीएफ ने अदालत में दावा किया कि हुंदल जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच एजेंसी को कथित बेनामी संपत्तियों, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन के संबंध में उनसे पूछताछ करनी है। एजेंसी इन संपत्तियों और खातों से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर कथित लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही है। यह वही नया एनडीपीएस मामला है, जिसमें हुंदल को पहले अदालत परिसर से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। इससे पहले वर्ष 2017 की एफआईआर नंबर-1 से जुड़े मामले में भी उनका चार दिन का पुलिस रिमांड लिया गया था।
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2017 की एफआईआर से जुड़ी है पुरानी जांच
एफआईआर नंबर-1 वर्ष 2017 में तत्कालीन इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के खिलाफ दर्ज की गई थी। जांच के दौरान नशा तस्करों के साथ कथित मिलीभगत समेत कई गंभीर आरोप सामने आए थे। राजजीत हुंदल की भूमिका की जांच के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। बाद में वर्ष 2023 में पंजाब सरकार ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था। नए मामले में एएनटीएफ का फोकस कथित बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों की पड़ताल पर है। जांच एजेंसी इनसे जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के जरिए लेनदेन से जुड़े लोगों और पैसों के स्रोत से संबंधित कड़ियों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा।
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