Solar Eclipse 2020: सदी का दूसरा सबसे दुर्लभ सूर्य ग्रहण शुरू, चंडीगढ़ में ऐसा दिखा नजारा
साल का पहला सूर्य ग्रहण शुरु हो चुका है। चंडीगढ़ और अमृतसर में यह दुर्लभ नजारा भी लोगों को दिखने लगा है। चंडीगढ़ से सूर्य ग्रहण की पहली तस्वीर भी सामने आ चुकी है। पंजाब विश्वविद्यालय ने चंडीगढ़ में सूर्य ग्रहण की पहली तस्वीर जारी की है। यह ग्रहण दोपहर तीन बजकर चार मिनट पर समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण वलयाकार में दिखाई देगा।
कई मायनों में अनूठा है आज का सूर्य ग्रहण
आज का सूर्य ग्रहण कई मायनों में बेहद अनूठा है। आर्यभट्ट प्रेक्षण एवं शोध संस्थान के अनुसार यह ग्रहण वलय रुप में उत्तर भारत में सिर्फ 21 किमी चौड़ी एक पट्टी में ही नजर आएगा। अन्य जगहों पर यह आंशिक ग्रहण की तरह ही दिखेगा।
वलय की अधिकतम अवधि मात्र 38 सेकंड रहेगी। इस सदी के बीते 20 वर्षों में भारत से 5 सूर्यग्रहण जो 2005, 2006, 2009, 2010, 2019 में नजर आए। जो बात इस ग्रहण को बेहद दुर्लभ बनाती है वह यह है कि इसके बाद भारत से इस शताब्दी में सिर्फ तीन सूर्यग्रहण और दिखाई देंगे वे भी लंबे अंतरालों के बाद।
ग्रहण सीधे न देखें, आंख को हो सकता नुकसान
खगोल शास्त्रियों का कहना है कि इसे कोई भी देखने की कोशिश न करें। नहीं तो आंखों की रोशनी चली जाएगी। टीवी या अखबारों में आनी वाली फोटो को ही देखें। पीयू के खगोलशास्त्री प्रो. संदीप सहजपाल ने बताया कि सूरज व पृथ्वी के मध्य जब चंद्रमा आ जाता है तो सूर्यग्रहण होता है। इस दौरान सूरज की रोशनी कम हो जाती है। पूरा अंधकार नहीं रहता।
चंद्रमा रिंग की तरह चमकेगा लेकिन चंद्रमा सूरज से छोटा ही दिखेगा। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से सूर्यग्रहण को देखने की कोशिश न करें, क्योंकि यह आंखों की रोशनी ले बैठ सकता है। क्योंकि सूर्यग्रहण को देखने की प्रक्रिया है लेकिन यदि वह थोड़ी भी गलत हो गई तो अंधापन हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस सूर्यग्रहण से न फायदा होगा न कोई नुकसान।