फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   survey, pg survey, chandigarh pg survey, chandigarh police, chandigarh nagar nigam, chandigarh

चंडीगढ़ में पीजी का सर्वे शुरू, फॉर्म में भरनी होंगी ये जानकारियां

Sun, 10 Jul 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 10 Jul 2016 10:55 PM IST
विज्ञापन
survey, pg survey, chandigarh pg survey, chandigarh police, chandigarh nagar nigam, chandigarh
चंडीगढ़ में पीजी में रहने वाले लोगों का सर्वे करते पुलिस मुलाजिम। - फोटो : अमर उजाला
यूटी पुलिस ने पीजी में रह रहे युवक-युवतियों का सर्वे करना शुरू कर दिया है। सर्वे की शुरूआत सेक्टर 36 थाना क्षेत्र से की गई है। इसके लिए पुलिस ने पीजी में रह रहे लोगों को एक फार्म दिया है, जिसे भरकर थाने में जमा करना है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मकान मालिक इसमें सहयोग कम दे रहे हैं क्योंकि अधिकतर पीजी अनरजिस्टर्ड हैं।
विज्ञापन


फार्म में यह भरकर देना होगा
सेक्टर-42 में एक पीजी में रहने वाले रोहित गर्ग ने बताया कि उनके पास पुलिसकर्मी आए थे और एक फार्म दे गए हैं। फार्म के साथ पीजी में रहने वाले लोगों को अपने आईडी प्रूफ भी जमा करने हैं। जिस स्कूल, कॉलेज और कंपनी में हैं। वहां का नाम, पता और फोन नंबर भी भरना होगा। अगर कोई गाड़ी इस्तेमाल करते हैं, तो उसका नंबर, कोई लाइसेंसी हथियार रखते हैं तो उसका पूरा विवरण देना होगा। इस तरह एक ही फार्म के अंदर मकान मालिक व उस मकान में रहने वाले सभी लोगों की पूरी जानकारी पुलिस के पास होगी।
विज्ञापन


इसलिए सर्वे 
सेक्टर-36 पुलिस के अनुसार सर्वे से पता रहेगा कि उनके  एरिया में किस-किस मकान में पीजी चल रहे हैं और वहां कितने लोग रह रहे हैं।
ज्यादातर पीजी अनरजिस्टर्ड, इसलिए डरते हैं लोग
सेक्टर-36 पुलिस स्टेशन के एसएचओ राम दयाल ने बताया कि एरिया में चल रहे पीजी व अन्य मकानों में फार्म बांटे गए हैं, लेकिन लोग फार्म भरकर नहीं दे रहे। हालांकि कुछ लोगों ने फार्म भरकर वापस दिए हैं। लोगों को इस बात का डर है कि कहीं प्रशासन उनके खिलाफ कोई एक्शन न ले ले, क्योंकि ज्यादातर पीजी अनरजिस्टर्ड हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


500 पीजी चल रहे मगर 15 ही रजिस्टर्ड
शहर में सबसे अधिक अवैध पीजी सेक्टर-15, 16, 7, 8, 10, 18, 19, 21, 35, 36, 37, 40, 42, 44 में चल रहे हैं। एक-एक कमरे में चार, पांच-पांच तक स्टूडेंट्स रखे गए हैं। शहर में इस समय करीब 500 से अधिक पीजी अवैध तरीके से चल रहे हैं। केवल 15 पीजी ही इस्टेट ऑफिस में रजिस्टर्ड हैं। पीजी चलाने वाले अगर पीजी रजिस्टर्ड करवाएंगे तो उनको बिजली व पानी का कामर्शियल बिल देना पड़ेगा। इसलिए मकान मालिक पीजी रजिस्टर्ड नहीं करवाते। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed