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Hindi News ›   Chandigarh ›   Surgeon wife died due to covid-19 three day after husband death in Ambala

कोरोना उजाड़ रहा परिवार: डॉक्टर पति के बाद सर्जन पत्नी ने भी तोड़ा दम, वकील बेटी बोली- नहीं मिला इलाज

Fri, 14 May 2021 10:20 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 14 May 2021 10:20 PM IST
सार

कोरोना महामारी परिवार के परिवार उजाड़ रही है। हरियाणा के अंबाला में डॉ. पति की मौत के तीन दिन बाद सर्जन पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। वकील बेटी ने माता-पिता को सही से इलाज न मिलने की बात कही है। मृतका बरेली के एक अस्पताल में बतौर सर्जन तैनात थीं।

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Surgeon wife died due to covid-19 three day after husband death in Ambala
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के अंबाला में कोरोना वार्ड में सेवा करते वक्त संक्रमित हुए डॉ. अजय शर्मा के निधन के तीन दिन बाद शुक्रवार को उनकी पत्नी डॉ. इंदु शर्मा की भी कोरोना से जान चली गई। वह पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में 9 मई से उपचाराधीन थीं। लगातार उनका ऑक्सीजन स्तर गिरता जा रहा था। इस दौरान उन्हें वेंटिलेटर नहीं मिल पा रहा था। डॉ. इंदु शर्मा बरेली में एक निजी अस्पताल में सर्जन थीं।

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वर्तमान में वह पंचकूला के रामगढ़ में रह रही थीं। उनकी बेटी एडवोकेट कैरन शर्मा ने बताया कि सिफारिश के बाद वेंटिलेटर तो मिल गया लेकिन मेरी मम्मी नहीं बच पाई। कैरन ने कहा कि मां को तो जैसे-तैसे इलाज मिल गया। लेकिन मेरे पिता के केस में बहुत लापरवाही बरती गई। जबकि वह अभी भी उसी स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे थे, जहां उन्हें इलाज नहीं मिला। कैरन ने बताया कि पिता डॉ. अजय शर्मा की 8 मई को हालत खराब हुई थी। उन्हें अंबाला जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन वहां उन्हें इलाज नहीं मिला।
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कैरन के अनुसार ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण मेरे पिता ऑक्सीजन मास्क हटाने लगे थे और चिड़चिड़ापन भी आ गया था। इसीलिए अस्पताल के डॉक्टर उन्हें ड्रिप तक नहीं लगा रहे थे। बतौर कैरन अधिक स्टेरॉयड के कारण उनका शुगर लेवल 700 तक पहुंच चुका था। उन्हें इन्सुलिन की जरूरत थी। लेकिन बार-बार कहने के बावजूद किसी ने उन्हें इन्सुलिन का इंजेक्शन नहीं लगाया। 

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मैंने डॉक्टरों से कहा कि अपने पिता को मैं और मेरे साथ अटेंडेंट पकड़ लेंगे आप इंजेक्शन लगाएं लेकिन किसी ने ऐसा नहीं किया। आखिरी समय में आधे घंटे तक मेरे पिता अस्पताल में तड़पते रहे वेंटिलेटर और आइसीयू तो दूर की बात डॉक्टर को बार-बार बुलाने के बावजूद वहां कोई नहीं आया। पिछले करीब चार साल से डॉ. अजय शर्मा एनएचएम के जरिए अंबाला के नारायणगढ़ में तैनात थे और 16 से 29 अप्रैल तक कोविड वार्ड में ड्यूटी के दौरान वह संक्रमित हो गए थे। उन्हीं के कारण उनकी पत्नी इंदु शर्मा भी कोरोना की चपेट में आ गई।  
 
मां की भी लापरवाही में हुई मौत
एडवोकेट कैरन ने बताया कि 7 मई को मेरी मम्मी की हालत खराब हुई। मैं उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका रैपिड टेस्ट किया गया जोकि पॉजिटिव आया। यहां पर डॉक्टर ने उन्हें एंटीबायोटिक और बुखार की दवा देकर घर भेज दिया। 8 मई को मैं अपने पिता के पास अंबाला चली गई।

9 मई को मम्मी का फोन आया कि मुझे दिक्कत हो रही है। मैं पंचकूला पहुंची और मम्मी को अस्पताल लेकर गई। तब उनका सीटी स्कैन करवाया गया। उसमें उनका सीटी स्कोर 37 में से 25 आया। कैरन ने कहा कि यदि तीन दिन पहले ही मेरे मम्मी को एडमिट कर लिया जाता और सीटी स्कैन उसी दिन करवा दिया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी।

प्लाज्मा डोनर तैयार करने के बाद थैरेपी देने से किया इनकार

कैरन के अनुसार गुरुवार को मम्मी की हालत ज्यादा खराब हो गई थी। तब मैंने डॉक्टर से प्लाज्मा थैरेपी के बारे में पूछा। डॉक्टर ने कहा कि आप डोनर ले आएं हमें कोई दिक्कत नहीं है। मैंने जैसे-तैसे कुरुक्षेत्र से डोनर तैयार किया। सब कुछ हो चुका था लेकिन अंतिम चरण में डॉक्टर ने इनकार कर दिया और कहा कि प्लाज्मा थैरेपी तो पॉजिटिव आने के दो दिन बाद ही कर सकते थे। 

24-24 घंटे दी थी कोविड वार्ड में सेवाएं
62 वर्षीय डॉ. अजय शर्मा शुगर से पीड़ित थे, इसके बावजूद उनकी ड्यूटी कोविड वार्ड में लगा दी गई थी। सर्जन होने के साथ वह एनीस्थिया के डॉक्टर भी थे। वह 16 मई से 29 मई तक अंबाला शहर के कोविड वार्ड में ड्यूटी देते रहे। इस दौरान उन्होंने छह दिन 24-24 घंटे की ड्यूटी दी थी।

हां, आज ही डॉ. इंदु शर्मा का निधन हुआ है। हमें बेटी के साथ सहानुभूति है। बेटी के माता-पिता दोनों ही चले गए। जहां तक 7 मई को डॉ. इंदु शर्मा को क्यों डिस्चार्ज किया गया। क्या कारण थे इस बारे में बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अभी डॉ. इंदु शर्मा वेंटिलेटर पर थीं और उनकी हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी। डॉ. जसजीत कौर, सीएमओ पंचकूला।

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