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मोहाली: यूनिवर्सिटी में दो इमारतों को जोड़ने वाला ढांचा गिरा, मलबे में दबकर सुपरवाइजर की मौत, सात लोग घायल
Mon, 11 Apr 2022 01:31 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 11 Apr 2022 01:31 AM IST
सार
मृतक के चाचा ने बताया कि हनी की मौत से परिवार की कमर टूट गई। पंद्रह अपैल को उसकी बहन की शादी तय थी। घर में शादी को लेकर सारी तैयारियां जोरों से चल रही थी। हनी ही सारी जिम्मेदारियां उठा रहा था लेकिन अब समझ नहीं आ रहा है कि आगे कैसे होगा।
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हनी कुमार की फाइल फोटो
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विस्तार
आईटी सिटी स्थित प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में शनिवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे दो इमारतों को जोड़ने वाला ढांचा अचानक गिर गया। मलबे के नीचे दबने से हनी कुमार (27) निवासी झंजेड़ी की मौत गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। वह रामजी कंक्रीट कंपनी में बतौर सुपरवाइजर काम करता था। पुलिस ने लोगों की मदद से करीब एक घंटे तक बचाव कार्य चलाकर सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया। मृतक के परिजनों की शिकायत पर सोहाना थाना पुलिस ने मामले में 174 की कार्रवाई की है।
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प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में शनिवार रात को दो इमारतों को जोड़ने वाले 100 मीटर लंबे ढांचे पर क्रंकीट डालने का काम चल रहा था। इस दौरान सुपरवाइजर हनी ढांचे के नीचे खड़ा था, जबकि अन्य मजूदर पुल पर काम कर रहे थे। रात 11.30 बजे के करीब ढांचा नीचे गिर गया। इस दौरान वहां काम कर रहे मजूदरों में भगदड़ मच गई। हर तरफ चीखने-चिल्लाने की आवाजे थीं। सूचना मिलते ही सोहाना थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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सभी घायलों एक-एक करके तुरंत वहां से निकालकर जीएमसीएच-32 व पीजीआई भेजा गया लेकिन हनी का पूरा शरीर ढांचे के नीचे दबा हुआ था और उसका केवल हाथ बाहर दिख रहा था। ऐसे में उसे मलबे से निकालने में दिक्कत आ रही थी। इसके बाद पुलिस ने जेसीबी की मदद से ढांचे के हिस्से को हटाना शुरू किया। इसके बाद हनी कुमार को बाहर निकाला गया। हालांकि उस समय तक उसकी मौत हो चुकी थी। रात 12 बजे तक बचाव कार्य चला।
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मामले के जांच अधिकारी केवल सिंह ने बताया सभी को मामूली चोटे आई थीं। सभी घायलों दर्शन, हाकम, आविध, देव लाल व प्रेम चंद समेत अन्य को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
दो साल का है बेटा, काफी मेहनती था
मृतक हनी कुमार के चाचा व किसान नेता संदीप कुमार ने बताया कि मृतक तीन बहनों का इकलौता भाई था। कुछ समय पहले उसकी शादी हुई थी। उसका दो साल का बेटा है। वह काफी मेहनती था। दो महीने पहले ही पिता की मौत हुई थी। सारे परिवार को पालने की जिम्मेदारी वह ही उठा रहा था। उसकी मौत से पूरा परिवार आफत में आ गया है। उन्होंने बताया कि उसका व्यवहार काफी अच्छा था, किसी को विश्वास नहीं हो रहा है कि वह अब दुनिया में नहीं है।
पंद्रह अप्रैल को है बहन की शादी
मृतक के चाचा ने बताया कि हनी की मौत से परिवार की कमर टूट गई। पंद्रह अपैल को उसकी बहन की शादी तय थी। घर में शादी को लेकर सारी तैयारियां जोरों से चल रही थी। हनी ही सारी जिम्मेदारियां उठा रहा था लेकिन अब समझ नहीं आ रहा है कि आगे कैसे होगा। उन्होंने जिला प्रशासन व पुलिस से परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की अपील की है।