पंजाब: एसआईटी के मुद्दे पर जाखड़-रंधावा ने दिए इस्तीफे, कैप्टन ने फाड़कर फेंके, कैबिनेट बैठक में सियासी ड्रामा
कैबिनेट की मीटिंग में प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ की उपस्थिति पर सवाल खड़ा होता है, क्योंकि वे राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री नहीं हैं और न ही यह पार्टी की बैठक थी। इसके अलावा, यदि उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना ही था तो वे इसे पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपते या भेजते। कैप्टन को इस्तीफा सौंपना महज एक ड्रामे से ज्यादा कुछ नहीं था।
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पंजाब कैबिनेट की सोमवार शाम हुई बैठक के दौरान कोटकपूरा गोलीकांड पर एसआईटी की जांच रिपोर्ट रद्द होने का मामला गूंजा। इस दौरान एक मंत्री और प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने अपने इस्तीफे भी मुख्यमंत्री को थमा दिए। यह घटना एक सियासी ड्रामे जैसी साबित हुई और मुख्यमंत्री ने दोनों के इस्तीफे फाड़कर फेंक दिए।
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट बैठक के दौरान कुछ सदस्यों ने हाईकोर्ट की ओर से एसआईटी की जांच रिपोर्ट रद्द किए जाने के मामले को राज्य सरकार की नाकामी करार दिया। इनमें सबसे आगे पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ और कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा थे। दोनों ने सरकार की आलोचना करते हुए अपनी जेबों से इस्तीफा पत्र निकाले और कैप्टन की तरफ बढ़ा दिए। कैप्टन ने भी दोनों के इस्तीफे लिए और फाड़कर एक तरफ फेंक दिए। इसके बाद न तो कैप्टन ने कुछ कहा और न ही इस्तीफे फाड़ दिए जाने के बाद जाखड़ और रंधावा ही बैठक में एसआईटी के मुद्दे पर कुछ बोले।
दरअसल, सुनील जाखड़ ने हाल ही में राज्य सरकार से एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। वहीं रंधावा बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर काफी समय से मुखर रहे हैं और बार-बार इस मामले के आरोपियों के रूप में बादल परिवार को गिरफ्तार करने की मांग करते रहे हैं।
कैबिनेट की बैठक में जाखड़ की मौजूदगी पर सवाल
सोमवार को कैबिनेट की बैठक में उनका विरोध स्वरूप इस्तीफा कैप्टन को सौंपना तो प्रक्रिया के तहत ही था, लेकिन कैबिनेट की मीटिंग में प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ की उपस्थिति पर सवाल खड़ा होता है, क्योंकि वे राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री नहीं हैं और न ही यह पार्टी की बैठक थी। इसके अलावा, यदि उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना ही था तो वे इसे पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपते या भेजते। कैप्टन को इस्तीफा सौंपना महज एक ड्रामे से ज्यादा कुछ नहीं था।
विशेष बात है कि जाखड़ 2019 में प्रधान पद से अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को भेज भी चुके हैं, जब प्रदेश इकाई को भंग किया गया था। तब हाईकमान ने इकाई की बाकी कार्यकारिणी को तो भंग कर दिया, लेकिन सुनील जाखड़ को प्रधान पद पर बनाए रखा था। इस तरह आज तक वे इस पद पर बरकरार हैं और उनका इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ है।
नई एसआईटी गठित करेगी पंजाब सरकार
चंडीगढ़ में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कोटकपूरा गोलीकांड संबंधी पूछे प्रश्न के जवाब में जाखड़ ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार प्रदेश सरकार ने नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का फैसला किया है, जो समयबद्ध जांच करेगी। उन्होंने कहा कि कानूनी विशेषज्ञों की राय के अनुसार हाईकोर्ट के फैसले में कुछ बातें कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से आगे की कही गई हैं, जिन्हें लेकर राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया जाएगा।