इस बार सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण एक ही महीने में, जानिए कब-कब?
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एक महीना में दो सूर्य एवं चंद्र ग्रहण हो तो भूकंप, बाढ़, उपद्रव का संकेत देता है, लेकिन चूड़ामणि ग्रहण होने के कारण सुख- समृद्धि और शांति प्रदान करेगा। सितंबर महीने में दो ग्रहण लग रहें हैं। 13 सितंबर को सूर्य ग्रहण और 28 सितंबर को चंद्र ग्रहण लग रहा है।
सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा जबकि चंद्र ग्रहण गुजरात और राजस्थान में ही दिखाई देगा। सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र और सुशील कौशल ने कहा कि इस बार दो ग्रहण लग रहे हैं।
लेकिन सिंह राशि का बृहस्पति और भाद्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन सोमवार होने से इसे चुड़ामणि ग्रहण कहा जाता है। यह ग्रहण शुभ संकेत देता है। उन्होंने कहा कि चूड़ामणि ग्रहण सुख शांति और समृद्धि प्रदान करते हैं।
सूर्यग्रहण 13 को, चंदग्रहण 28 को
13 सितंबर दिन रविवार को सूर्य ग्रहण है। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। भारतवर्ष में यह ग्रहण कहीं नहीं दिखाई देगा। इसलिए इस खंड सूर्य ग्रहण संबंधी स्नान, दान, सूतक का विचार भारत में नहीं होगा। मिश्र के अनुसार भारत के लोगों के लिए यह ग्रहण प्रभावहीन है।
सिंह राशि का बृहस्पति होने के कारण भाद्रपद अमावस्या को नासिक कुंभ होने के कारण स्नान दान का महत्व है। भारतीय मानक समय के अनुसार ग्रहण का आरंभ दिन में 10 बजकर 12 मिनट पर होगा। परम ग्राह्य 12 बजका 24 मिनट पर और समाप्ति दोपहर बाद दो बजकर 36 मिनट पर होगी।
चंद्र ग्रहण...
28 सितंबर दिन सोमवार को पूर्णिमा है। इस दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। भारत में गुजरात और राजस्थान में पांच से सात मिनट के लिए यह ग्रहण दिखाई देगा। गुजरात के जामनगर में एक मिनट, खबालिया में में तीन मिनट, द्वारिका में पांच मिनट, नालिया में छह मिनट और भुज में चार मिनट के लिए चंद्रग्रहण दिखाई देगा।
भारतीय मानक समय के अनुसार शाम छह बजकर 37 मिनट पर ग्रहण शुरू होगा। सात बजकर 41 मिनट पर खग्रास का प्रारंभ होगा, रात आठ बजकर 17 मिनट पर ग्रहण का मध्यकाल होगा और रात नौ बजकर 57 मिनट पर ग्रहण की समाप्ति होगी। मिश्र के अनुसार सोमवार को होने के कारण इस ग्रहण का नाम चूड़ामणि है। चूड़ामणि का शास्त्रों में विशेष महत्व है।
ग्रहण का सूतक 27 सितंबर से
देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे, सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री, सेक्टर-15 के जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र का कहना है कि चूड़ामणि ग्रहण में तर्पण, पिंड दान का महत्व है। अकाल मृत्यु से हुई मौत हुई हो तो मृत आत्मा की शंति के लिए पिंडदान और तर्पण करना चाहिए। ग्रहण का सूतक 27 सितंबर की शाम को छह बजकर 37 मिनट से शुरू हो जाएगा।