महिला आयोग के समक्ष पेश हुए सुल्तान सिंह, बोले- 'षड़यंत्र के तहत सोनाली फौगाट उन्हें बालसमंद ले गईं'
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भाजपा महिला नेता और उनके साथियों की पिटाई से आहत हिसार मार्केट कमेटी सचिव सुल्तान सिंह गुरुवार को महिला आयोग के समक्ष पेश हुए। आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन और वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज के समक्ष सुल्तान सिंह ने अपनी पूरी बात रखी। उन्होंने आयोग को बताया कि हिसार मार्केट कमेटी कार्यालय से ही सोनाली फौगाट के लोगों की चार-पांच गाड़ियां एक षड्यंत्र के तहत उन्हें बालसमंद लेकर गईं। जहां उन्हें एक प्रकार से बंधक बनाकर रखा गया और सारे घटनाक्रम को अंजाम दिया। उनका परिवार सदमे में है और उनकी जान को खतरा है।
घटना के बारे में मार्केट कमेटी कार्यालय के सुपरवाइजर जयपाल से भी जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि बालसमंद पहुंचने के बाद जब मंडी में वहां की समस्याओं के बारे बातचीत कर रहे थे तो सोनाली फौगाट ने उन्हें एक तरफ आने को कहा। इसकी मौके के चश्मदीद गवाह की वीडियो भी है। इसमें वह उन्हें एक तरफ आकर बात करने को कह रहीं हैं।
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सोनाली और उनके साथियों ने अन्य लोगों और कार्यालय के कर्मचारियों को आगे आने से रोक दिया। उनको एक तरफ ले जाकर कहने लगी कि तुमने आदमपुर चुनाव में मेरी खिलाफत की थी। मुझे गाली देता है। इतना कहते ही उन्होंने थप्पड़ मारा और उनके साथ के 20-30 लोगों ने मुझे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। वहां से बड़ी मुश्किल से जान बचाकर एक दुकान में घुस गया। दुकान में भी आकर उन्होंने मुझे चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। इनके दो साथियों ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया और फोन करके पुलिस बुला ली। पुलिस की मौजूदगी में भी सोनाली फौगाट ने सैंडलों से पिटाई की।
इसके बाद पुलिस की गाड़ी में बैठाकर चौकी ले जाया गया। उनकी साजिश मुझे जान से मारने की थी। हालांकि उन्होंने पुलिस को शिकायत पहले की थी, जिसे सोनाली फौगाट ने अपने बयान में माना है लेकिन फिर भी उनकी एफआईआर बाद में दर्ज की गई। सुल्तान सिंह ने कहा कि सोनाली फौगाट का आरोप है कि उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। ऐसा पूरे घटनाक्रम में नहीं है।
उन्होंने 5 जून को कोई भी अपशब्द या अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया है। उस दिन से पहले मेरा उनसे मिलना-जुलना नहीं हुआ है और ना ही उनसे कभी फोन पर कोई बातचीत हुई है। चाहे मेरी कॉल डिटेल को निकलवा कर जांच कर सकते हैं। जब मेरी उनसे पहले कभी कोई बात ही नहीं हुई तो आठ मिनट की ऑडियो का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। यह सब सिर्फ बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। यदि कोई ऑडियो था तो उन्होंने एफआईआर के साथ क्यों नहीं दिया।
सुल्तान सिंह ने कहा कि उनके ऊपर दर्ज एफआईआर को निरस्त करके झूठी शिकायत दर्ज करवाने के लिए और सोनाली फौगाट द्वारा उन्हें जान से मारने की कोशिश के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वह और उनका पूरा परिवार इस घटना के बाद से सदमे में है। एक अधिकारी होने के नाते हरियाणा में उनके मान सम्मान को ठेस पहुंची है। समाज में जिस तरह से मेरा वीडियो सोनाली द्वारा बनवाया गया, उससे वह और उनका परिवार अपमानित महसूस कर रहा है। उन्हें और उनके परिवार को जान माल का खतरा है।