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सदन चलाना सीखना हो तो बादल को बना लें टेम्परेरी सीएम: सुखबीर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:11 AM IST
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पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल
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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र समाप्त होने के बाद भी सदन के घटनाक्रम को लेकर नोकझोंक शनिवार को भी जारी रही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पंजाब भवन में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की सदन से अनुपस्थिति पर टिप्पणी की गई कि पांच बार के मुख्यमंत्री को जनता ने इस बार विपक्ष के नेता के पद लायक भी नहीं छोड़ा, जिसके चलते वे विधानसभा में आने से बच रहे हैं।
जाखड़ ने कहा कि अगर कोई ऑनरेरी लीडर आफ अपोजिशन का पद बनता हो तो स्पीकर साहब को चाहिए कि सदन में विपक्ष के नेता के बगल में एक कुर्सी लगवा दें ताकि बड़े बादल साहब भी विधानसभा सत्र में आ जाया करें। इसके बाद अकाली-भाजपा गठबंधन की ओर से बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में जब पत्रकारों ने जाखड़ की टिप्पणी पर सुखबीर बादल की राय जानना चाही, तो उन्होंने कहा कि सदन चलाना इनके बस की बात नहीं है। बादल साहब ही सबको सिखा सकते हैं।
कांग्रेस को चाहिए कि बादल साहब को सीएम बना लें टेम्परेरी। वे सदन में सभी सदस्यों को मर्यादा और अनुशासन में रहना सिखा सकते हैं और सदन की कार्यवाही मर्यादित ढंग से कैसे चलाई जाती है, वे यह भी सिखा देंगे। सुखबीर यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल मेरे भाई हैं, अगर उन्हें भी सलाह की जरूरत हो तो वे भी मुझे फोन कर लिया करें। उन्होंने कहा कि मनप्रीत ने जैसा बजट बनाया है, ये तो सूबे को डुबो देंगे, तब भी तो हमें ही संभालना पड़ेगा। इसलिए वे पहले ही हम से सलाह ले लिया करें।
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उल्लेखनीय है कि सुनील जाखड़ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि प्रकाश सिंह बादल ने चिट्ठी लिखकर बीमारी के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो पाने की कठिनाई बताई थी। वे पूरे सत्र के दौरान सदन में नहीं आए, लेकिन अस्पताल में आप विधायकों का हाल जानते तुरंत पहुंच गए। जाखड़ का कहना था कि बादल इसलिए सदन में नहीं आए कि उनकी सेहत खराब है, बल्कि अकाली दल को जनता ने जो जगह दिखाई है, वे उन्हें हजम नहीं हो रही। अगर ऑनरेरी लीडर आफ अपोजिशन की कोई सीट बनवा दी जाए, तो शायद बादल सदन में आ जाएं।
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जाखड़ ने कहा कि अगर कोई ऑनरेरी लीडर आफ अपोजिशन का पद बनता हो तो स्पीकर साहब को चाहिए कि सदन में विपक्ष के नेता के बगल में एक कुर्सी लगवा दें ताकि बड़े बादल साहब भी विधानसभा सत्र में आ जाया करें। इसके बाद अकाली-भाजपा गठबंधन की ओर से बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में जब पत्रकारों ने जाखड़ की टिप्पणी पर सुखबीर बादल की राय जानना चाही, तो उन्होंने कहा कि सदन चलाना इनके बस की बात नहीं है। बादल साहब ही सबको सिखा सकते हैं।
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कांग्रेस को चाहिए कि बादल साहब को सीएम बना लें टेम्परेरी। वे सदन में सभी सदस्यों को मर्यादा और अनुशासन में रहना सिखा सकते हैं और सदन की कार्यवाही मर्यादित ढंग से कैसे चलाई जाती है, वे यह भी सिखा देंगे। सुखबीर यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल मेरे भाई हैं, अगर उन्हें भी सलाह की जरूरत हो तो वे भी मुझे फोन कर लिया करें। उन्होंने कहा कि मनप्रीत ने जैसा बजट बनाया है, ये तो सूबे को डुबो देंगे, तब भी तो हमें ही संभालना पड़ेगा। इसलिए वे पहले ही हम से सलाह ले लिया करें।
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उल्लेखनीय है कि सुनील जाखड़ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि प्रकाश सिंह बादल ने चिट्ठी लिखकर बीमारी के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो पाने की कठिनाई बताई थी। वे पूरे सत्र के दौरान सदन में नहीं आए, लेकिन अस्पताल में आप विधायकों का हाल जानते तुरंत पहुंच गए। जाखड़ का कहना था कि बादल इसलिए सदन में नहीं आए कि उनकी सेहत खराब है, बल्कि अकाली दल को जनता ने जो जगह दिखाई है, वे उन्हें हजम नहीं हो रही। अगर ऑनरेरी लीडर आफ अपोजिशन की कोई सीट बनवा दी जाए, तो शायद बादल सदन में आ जाएं।