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Haryana: हिमाचल में बिजली उत्पादन कर रहीं कंपनियां नहीं बढ़ा सकेंगी दरें, मनोहर लाल और सुक्खू आज करेंगे बात

Sat, 22 Apr 2023 12:32 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 22 Apr 2023 12:32 AM IST
सार

हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रस्ताव लाकर वाटर सेस का विरोध किया था और कहा था कि इससे हरियाणा को 1300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

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Sukhvinder Singh Sukhu will talk to Manohar Lal today
मनोहर लाल और सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल सरकार की ओर से जल विद्युत परियोजनाओं पर लगाया गया उपकर पंजाब और हरियाणा को प्रभावित नहीं करेगा। यह बात हिमाचल के सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार को हरियाणा के सीएम मनोहर लाल के सामने रखेंगे। केंद्र सरकार के इस मामले में आपत्ति जताए जाने के बाद हिमाचल सरकार के अधिकारियों ने इस विषय पर होमवर्क पूरा कर सरकार को अवगत करवा दिया है।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सुक्खू शनिवार को मनेाहर लाल को बताएंगे कि हिमाचल की 172 जल विद्युत परियोजनाओं पर उपकर लगाया जा रहा है। यह उपकर हरियाणा या पंजाब की ओर जाने वाले पानी पर नहीं है। हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में इस बारे में कानून पारित कर दिया गया है कि बिजली कंपनियां उपकर लगाने के बाद मनमानी नहीं कर सकेंगी। 
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दरों के मामले में सरकार कंट्रोल बिजली कंपनियों पर रहेगा। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार से पूछा है कि यह सारा मसला क्या है। इसके बाद हिमाचल ने केंद्र को जवाब दिया है कि उपकर लगाने से केंद्रीय समझौतो पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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उधर, हरियाणा सरकार का मत साफ है कि निजी कंपनियों पर सेस लगेगा तो वे बिजली महंगे दाम पर बेचेंगी। इससे हरियाणा को महंगी बिजली खरीदने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बहरहाल शनिवार को दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक में इस मसले पर विस्तार से बात होगी। इससे पूर्व फोन पर भी सुक्खू ने पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से बात की थी। उनकी बातचीत के बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल साफ कर चुके हैं हिमाचल सरकार की तरफ से फिलहाल लिखित में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अगर कोई लिखित में आएगा तो उसे उस हिसाब से देखेंगे। 

मालूम हो कि हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रस्ताव लाकर वाटर सेस का विरोध किया था और कहा था कि इससे हरियाणा को 1300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

हिमाचल के वाटर सेस में क्या है?
तंगी से जूझ रही हिमाचल प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए पनबिजली उत्पादन पर वाटर सेस लागू किया है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर राजस्व जुटाने के लिए हिमाचल सरकार ने बिजली उत्पादन पर वाटर सेस लगाने का फैसला लिया है। प्रदेश में छोटी-बड़ी करीब 172 जल विद्युत परियोजनाओं पर वाटर सेस से हिमाचल सरकार के खजाने में हर साल करीब 700 करोड़ रुपये जमा होंगे।

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