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Hindi News ›   Chandigarh ›   Sukhpal Khaira got bail from Punjab Haryana High court in NDPS case

Punjab: कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा को हाईकोर्ट से मिली जमानत, अब कपूरथला में एक और एफआईआर दर्ज

Thu, 04 Jan 2024 01:35 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 04 Jan 2024 01:35 PM IST
सार

मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था। पुलिस जांच में सुखपाल खैरा का नाम सामने आया था। 

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Sukhpal Khaira got bail from Punjab Haryana High court in NDPS case
सुखपाल खैरा - फोटो : twitter

विस्तार

फाजिल्का में 2015 में दर्ज एनडीपीएस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा को बड़ी राहत देते हुए उनकी नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को मंजूर कर लिया है। ऐसे में अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। 28 सितंबर को पुलिस ने उन्हें चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। हालांकि उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई है। 
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सुखपाल खैरा पर कपूरथला के थाना सुभानपुर में एक और एफआईआर दर्ज हो गई है। सुभानपुर थाना के एडिशनल एसएचओ बलजीत सिंह ने इसकी पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, खैरा पर 195 ए और 506 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। अब खैरा को एक बजे कपूरथला की अदालत में पेश किया जा रहा है।
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खैरा के बेटे मेहताब ने एक्स पर कहा कि हाईकोर्ट द्वारा उनके पिता को दी गई जमानत के बाद भगवंत मान सरकार ने बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए सुभानपुर पुलिस को एक और एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। सीएम की ये डराने-धमकाने वाली हरकतें उनके पिता को डरा नहीं सकतीं। हम पंजाब के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
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हाईकोर्ट को कहा था-राजनीतिक द्वेष के कारण केस
याचिका दाखिल करते हुए खैरा ने बताया कि इस मामले में याची को विभिन्न स्तर पर राहत के बावजूद पंजाब पुलिस उनके खिलाफ कानून के खिलाफ जाकर कार्रवाई कर रही है। पहले वह आम आदमी पार्टी में थे और बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इसी के चलते उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष के कारण यह कार्रवाई की जा रही है।

मार्च 2015 में फाजिल्का के जलालाबाद में एनडीपीएस एर्ज में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में गुरदेव सिंह सहित नौ लोगों पर मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था। पुलिस ने उनके पास से 2 किलो हेरोइन, 24 सोने के बिस्कुट, एक देशी पिस्तौल, एक .315 बोर की पिस्तौल और दो पाकिस्तानी सिम कार्ड बरामद किए थे। बाद में पुलिस जांच के दौरान खैरा का नाम सामने आया। 


2017 में सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त आरोपी के रूप में तलब किए गए खैरा के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। उन्हें 2015 के ड्रग्स मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 2021 में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किया गया था। 2022 में उन्हें जमानत मिल गई। फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने ड्रग्स मामले में खैरा के खिलाफ समन आदेश को रद्द कर दिया। खैरा को 28 सितंबर को पंजाब पुलिस ने उनके चंडीगढ़ स्थित आवास से गिरफ्तार किया था।
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