फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sukhna Choe in Dera Bassi private builder project issue

कोर्ट को कोर्ट ही रहने दो सियासी अखाड़ा न बनाओ: हाईकोर्ट

Wed, 16 Nov 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 16 Nov 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
Sukhna Choe in Dera Bassi private builder project issue
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
डेराबस्सी में एक प्राइवेट बिल्डर की ओर से अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट के ब्रोशर में सुखना चो को दिखाने के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका पहुंच गई है। याचिका में डेराबस्सी से विधायक एनके शर्मा को प्रतिवादी बनाने और इस मामले से मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान उनका संबंध स्थापित करने में नाकाम रहने पर हाईकोर्ट ने याची को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट को कोर्ट ही रहने दो सियासी अखाड़ा न बनाओ। यदि किसी को शर्मा से समस्या है तो उनके खिलाफ चुनाव लड़े, हाईकोर्ट को सियासी लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन


मामले में याचिका दाखिल करते हुए डेराबस्सी में बन रहे प्रोजेक्ट के ब्रोशर पर सुखना चो की भूमि को दिखाने का आरोप लगाया। साथ ही आरोपों में कहा गया कि इस जमीन को हथियाने का प्रयास है। याची ने कहा कि यह कार्य बिना सरकारी और राजनीतिक मदद के नहीं किया जा सकता। इसपर हाईकोर्ट ने कहा कि जो जमीन बिल्डर के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए दिखाई जा रही है, वह शामलात भूमि है और इस याचिका में पंचायत को पार्टी नहीं बनाया गया। साथ ही हाईकोर्ट ने पूछा कि याचिकाकर्ता ने यह याचिका दाखिल करने के अतिरिक्त समाज के लिए क्या योगदान दिया है।
विज्ञापन

डेराबस्सी में प्राइवेट बिल्डर के प्रोजेक्ट में सुखना चो को दिखाने का मामला

Sukhna Choe in Dera Bassi private builder project issue
highcourt
इस पर याची की ओर से कहा गया कि उन्हें कुछ समय दिया जाए ताकि वे इस बारे में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल कर सकें। इसी बीच हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों की सूची में स्थानीय विधायक एनके शर्मा का नाम पाया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस याचिका में शर्मा का नाम क्यों शामिल किया गया है और यदि उन्हें नाम से प्रतिवादी बनाया गया है तो याचिका में उन पर लगाए गए आरोपों का जिक्र और सुबूत क्यों नहीं है।

इस पर याची संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपने राजनीतिक लाभ साधने के लिए हाईकोर्ट का सहारा लिया जा रहा है। कोर्ट ऐसा नहीं होने देगा। ऐसे में अगली सुनवाई पर इस बारे में हलफनामा दाखिल कर जानकारी दी जाए। यदि यह साबित नहीं होता है और याची अपने आपको इस याचिका के लिए सही साबित नहीं कर पाता है तो जुर्माने के लिए तैयार रहे।

जनहित याचिकाओं के लिए तय मानकों का हो पालन
हाईकोर्ट ने कहा कि जनहित याचिकाओं के लिए जो मानक तय किए गए हैं उनकी पालना अनिवार्य है और इसे पूरा न करते हुए याचिका दाखिल करने वालों से हाईकोर्ट सख्ती से निपटेगा। मात्र यह कह देने से कि कोई लोगों के हित के बारे में सोचता है इसलिए याचिका दाखिल कर रहा है पर्याप्त नहीं है। ऐसे में जनहित याचिका दाखिल करते हुए समाज के लिए किए गए कार्य का ब्योरा दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed