{"_id":"58ebe4274f1c1b9e36cf5f18","slug":"sukhbir-singh-badal-on-1984-roits-chandigarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुखबीर बोले- नरसंहार था 84 का सिख कत्लेआम, कांग्रेस के मुख्य परिवार ने रची थी साजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुखबीर बोले- नरसंहार था 84 का सिख कत्लेआम, कांग्रेस के मुख्य परिवार ने रची थी साजिश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 11 Apr 2017 09:16 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि दिल्ली और देश के अन्य भागों में नवंबर, 1984 में हुआ सिखों का कत्लेआम सही अर्थों में नरसंहार था, जिसमें समुदाय के सदस्यों को बड़ी संख्या में कत्ल किया गया था।
ओंटारियो की संसद द्वारा 1984 के कत्लेआम को नरसंहार करार देने के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुखबीर ने कहा कि हम ओंटारियो के अधिकारियों और लोगों के हार्दिक आभारी हैं, जिन्होंने हमारे प्रति हमदर्दी और एकजुटता दिखाई है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने इतिहास के इस शर्मनाक अध्याय को इसके सही नाम से पुकारा है और हमारी ओर से उनका आभार व्यक्त करना जरूरी है। सुखबीर ने कहा कि इस त्रासदी के दोषियों को छोड़कर हर भारतीय इसे नरसंहार ही मानता है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वे सिखों के इस कत्लेआम को एक निर्दयी नरसंहार के रूप में मान्यता दें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसी के मन में यह शंका नहीं है कि कांग्रेस ने 1984 में सिखों के नरसंहार की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। सुखबीर ने आरोप लगाया कि पार्टी के सीनियर नेता जो भारत सरकार के नुमाइंदे थे, ने इस नरसंहार के लिए सरगर्मी से काम किया, दिशानिर्देश जारी किए और इसमें शामिल भी हुए। उन्होंने कहा कि इस नरसंहार के लिए आदेश सरकार के उच्च स्तर से जारी किए गए थे।
विज्ञापन
ओंटारियो की संसद द्वारा 1984 के कत्लेआम को नरसंहार करार देने के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुखबीर ने कहा कि हम ओंटारियो के अधिकारियों और लोगों के हार्दिक आभारी हैं, जिन्होंने हमारे प्रति हमदर्दी और एकजुटता दिखाई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उन्होंने इतिहास के इस शर्मनाक अध्याय को इसके सही नाम से पुकारा है और हमारी ओर से उनका आभार व्यक्त करना जरूरी है। सुखबीर ने कहा कि इस त्रासदी के दोषियों को छोड़कर हर भारतीय इसे नरसंहार ही मानता है। पूर्व उप मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से अपील की कि वे सिखों के इस कत्लेआम को एक निर्दयी नरसंहार के रूप में मान्यता दें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि किसी के मन में यह शंका नहीं है कि कांग्रेस ने 1984 में सिखों के नरसंहार की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। सुखबीर ने आरोप लगाया कि पार्टी के सीनियर नेता जो भारत सरकार के नुमाइंदे थे, ने इस नरसंहार के लिए सरगर्मी से काम किया, दिशानिर्देश जारी किए और इसमें शामिल भी हुए। उन्होंने कहा कि इस नरसंहार के लिए आदेश सरकार के उच्च स्तर से जारी किए गए थे।