राज्यपाल से मिले सुखबीर: बोले- पंजाब के लिए चंडीगढ़ सबसे अहम, हरियाणा को एक इंच भी नहीं देंगे जमीन
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान शिअद प्रधान ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग उठाई। साथ ही सिद्धू मूसेवाला के गाना एसवाईएल और कंवर ग्रेवाल के गाने रिहाई पर लगी रोक हटाने की भी राज्यपाल से मांग की।
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पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मुलाकात के बाद शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब के लिए चंडीगढ़ सबसे अहम है। हरियाणा को यहां एक इंच भी जमीन नहीं लेने देंगे। उन्होंने पंजाब सरकार की सलाहकार समिति के चेयरमैन पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की नियुक्ति पर भी सवाल खड़े किए। नियुक्ति को उन्होंने असांविधानिक बताया।
राज्यपाल से शुक्रवार को मुलाकात के बाद शिअद प्रधान ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पंजाब के कई अहम मुद्दों को लेकर उनकी बात हुई है। सबसे अहम मुद्दा उन्होंने चंडीगढ़ को बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की वर्तमान सरकार चंडीगढ़ को लेकर कमजोर पैरवी कर रही है, यही कारण है कि केंद्र कई फैसलों को लेकर पंजाब पर हावी हो रहा है।
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान स्पष्ट कर दिया है कि चंडीगढ़ पंजाब का अहम हिस्सा है और यहां किसी दूसरे राज्य का विधानसभा भवन नहीं बनने दिया जाएगा। हरियाणा को किसी भी कीमत पर चंडीगढ़ में जमीन नहीं दी जाएगी। मान सरकार की सलाहकार कमेटी का चेयरमैन राघव चड्ढा को बनाने का उन्होंने विरोध किया।
उन्होंने इस नियुक्ति को असांविधानिक बताते हुए कहा कि उन्होंने संविधान की शपथ नहीं ली है इसके बाद भी वह सरकार के गोपनीय दस्तावेजों को देखेंगे, जो न्यायोचित नहीं है। उन्होंने राघव चड्ढा को चेयरमैन के पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। इस मौके पर उनके साथ प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा, महेश इंदर सिंह ग्रेवाल और डॉ. दलजीत चीमा भी उपस्थित रहे।
मूसेवाला हत्याकांड की सीबीआई करे जांच
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान शिअद प्रधान ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग उठाई। साथ ही सिद्धू मूसेवाला के गाना एसवाईएल और कंवर ग्रेवाल के गाने रिहाई पर लगी रोक हटाने की भी राज्यपाल से मांग की।
एसवाईएल और रिहाई गानों पर प्रतिबंध के विरोध में शिअद का प्रदर्शन
उधर, यूथ अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने गायक सिद्धू मूसेवाला के 'एसवाईएल' और कंवर ग्रेवाल के गीत 'रिहाई' पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में शुक्रवार को पंजाब भर में ट्रैक्टर मार्च निकाला। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने सभी जिला मुख्यालयों पर गीतों पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर डिप्टी कमिश्नरों को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
यूथ अकाली दल के अध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि युवा कार्यकर्ताओं ने राज्य भर में गायकों के साथ एकजुटता व्यक्त करने और दोनों गीतों पर से प्रतिबंध वापस लेने के लिए ट्रैक्टर मार्च निकाला। कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के कारण डिप्टी कमिश्नरों को ज्ञापन सौंपें गए। रोमाणा ने कहा कि गीतों ने केवल सिख बंदियों की रिहाई और सतुलज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे पर पंजाबियों की भावनाओं को व्यक्त किया है, दोनों गीतों में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है।
रिहाई गीत उन पंजाबियों की भावनाओं को व्यक्त करता है, जो सिख बंदियों को उम्रकैद की सजा पूरी होने के बाद भी लगातार जेल में रखने से व्यथित हैं। यह बंदी सिखों के लिए न्याय चाहते हैं। इसमें कुछ भी राष्ट्रविरोधी नहीं है। इसी तरह से एसवाईएल गीत बताता है कि पंजाब के पास पर्याप्त पानी नहीं है जो फिर से पंजाबियों की भावनाओं को दर्शाता है, जो अतीत में उनके नदी के पानी को उनसे छीनने के तरीके से दुखी हैं।