बेअदबी मामला: सुखबीर ने श्री अकाल तख्त साहिब में मांगी माफी, बोले- दोषियों को सजा न दिला सका, इसकी बहुत पीड़ा
सुखबीर ने किसी न किसी कारण से गुस्से में पार्टी को छोड़ने वाले अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि मैं निजी तौर पर और पार्टी अध्यक्ष के रूप में सच्चे मन से पूरी नम्रता के साथ सभी से माफी मांगता हूं। बतौर अध्यक्ष मैं ऐसी हर गलती की जिम्मेदारी अपने सिर पर लेता हूं।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को अकाली सरकार में हुई बेअदबी और इससे जुड़ी घटनाओं के मामले में माफी मांगी। सुखबीर बादल ने कहा कि इन दर्दनाक घटनाओं के जिम्मेदारों को तुरंत पकड़कर सजा न दिला सका। इसकी उन्हें बेहद पीड़ा है। सुखबीर ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक होकर समूचे गुरु पंथ से बिना शर्त माफी मांगी है। सुखबीर ने कहा कि ये उनकी और प्रकाश सिंह बादल की जिंदगी की सबसे दर्दनाक घटनाएं थीं।
सुखबीर बादल श्री अकाल तख्त साहिब परिसर में शहीद बाबा गुरबख्श सिंह जी गुरुद्वारा साहिब में शिरोमणि अकाली दल के 103वें शताब्दी समारोह के अवसर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ की समाप्ति के बाद संगत को संबोधित कर रहे थे। सुखबीर बादल ने सभी अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं से पंथ और पंजाब की चडदीकलां की खातिर अपनी मां पार्टी अकाली दल में ‘घर वापसी’ की अपील की।
पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं से भी मांगी माफी
सुखबीर ने किसी न किसी कारण से गुस्से में पार्टी को छोड़ने वाले अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि मैं निजी तौर पर और पार्टी अध्यक्ष के रूप में सच्चे मन से पूरी नम्रता के साथ सभी से माफी मांगता हूं। बतौर अध्यक्ष मैं ऐसी हर गलती की जिम्मेदारी अपने सिर पर लेता हूं। सुखबीर ने सभी अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया कि आगे वह खुद व्यक्तिगत दिलचस्पी लेकर यह सुनिश्चित कराएंगे कि पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता के साथ कोई अन्याय या ज्यादती न हो और सभी को उचित अधिकार और सम्मान मिले।
उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड और पंजाब के कीमती संसाधनों की रक्षा और नौजवानों के उज्जवल भविष्य की खातिर दूरदर्शी नीतियां बनाने और लागू करने के लिए पंथक एकता व सभी पंजाबियों को एकजुट होकर एक साथ आना होगा।
सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली सरकार के दौरान हुई बेअदबी की घटनाओं से खालसा पंथ को विभाजित करने और कौम को शिरोमणि अकाली दल के खिलाफ भड़काने के लिए रची गई गहरी साजिश थी। इस साजिश का असली मकसद पंथ की सरकार को गिराना और आगे से पंथक सरकार बनने की संभावना को सदा के लिए खत्म करना था। इस साजिश को समय पर समझ न सकने और तुरंत आवश्यक कार्रवाई न कर पाने के लिए वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब से माफी मांगते हैं।
उन्होंने सिख समुदाय से आग्रह किया कि वह स्वयं देखें कि अकाली सरकार के दौरान बेअदबी की घटनाओं के बारे बिना सबूत इल्जाम लगाने वाले षडयंत्रकारी श्री हरमंदिर साहिब समेत अन्य जगहों पर हो रही बेअदबी की घटनाओं में कैसे आंखें मुंदे हैं। सुलतानपुर लोधी में पुलिस के नंगे नाच के विरूद्ध भी इन पंथक हस्तियों और जत्थेबंदियों की जुबान तक नहीं खुल रही है।