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सुखबीर को बना सरकारी गवाह, चार आरोपी गए जेल
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चंडीगढ़। तत्कालीन डीजीपी पंजाब सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की फर्जी पदोन्नति सूची जारी करने के मामले में एसआईटी ने हवलदार सुखबीर सिंह को सरकारी गवाह बना लिया है। सुखबीर ने पुलिस को बताया कि उसे निरीक्षक सतवंत सिंह ने उसके अच्छे काम को देखते हुए पदोन्नति दिलवाने की बात कही थी। सतवंत ने ही उसे पदोन्नति सूची तैयार करने के लिए कहा, जिसके बाद उसने सूची बनाकर दी थी। पुलिस ने जिला अदालत में सुखबीर के 164 के बयान भी दर्ज करवा दिए हैं। बता दें कि सुखबीर सिंह मोहाली साइबर सेल में सतवंत सिंह के साथ ड्यूटी करता था।
उधर, रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने रविवार को पांचों आरोपियों सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार, हवलदार मानी कटोच, सुपरिंटेंडेंट बहादुर सिंह, बर्खास्त उपनिरीक्षक सरबजीत सिंह और निरीक्षक सतवंत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार को 25 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि संदीप कुमार से कई अहम जानकारियां जुटानी हैं। संदीप को ही पता था कि आखिर सूची किस तरीके से तैयार की जा सकती है। संदीप को डीजीपी ऑफिस में रहते सूची तैयार करने संबंधित सारी जानकारियां थीं। उधर, एसआईटी पंजाब डीजीपी के पीए कुलविंदर सिंह से पूछताछ में जुटी है। वह तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है।
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डीजीपी कार्यालय से कंप्यूटर जब्त
एसआईटी ने डीजीपी पंजाब के कार्यालय से एक कंप्यूटर को जब्त किया है। पुलिस जांच के लिए इस कंप्यूटर को सीएफएसएल भेजेगी। बता दें कि इस मामले में सोहाना थाने के उप निरीक्षक हरविंदर सिंह, उसके बेटे, हवलदार से एएसआई बने खरड़ थाने के मुंशी संजीव कुमार और एक सिविलियन अमित गुप्ता की तलाश है।
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उधर, रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने रविवार को पांचों आरोपियों सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार, हवलदार मानी कटोच, सुपरिंटेंडेंट बहादुर सिंह, बर्खास्त उपनिरीक्षक सरबजीत सिंह और निरीक्षक सतवंत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार को 25 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि संदीप कुमार से कई अहम जानकारियां जुटानी हैं। संदीप को ही पता था कि आखिर सूची किस तरीके से तैयार की जा सकती है। संदीप को डीजीपी ऑफिस में रहते सूची तैयार करने संबंधित सारी जानकारियां थीं। उधर, एसआईटी पंजाब डीजीपी के पीए कुलविंदर सिंह से पूछताछ में जुटी है। वह तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है।
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डीजीपी कार्यालय से कंप्यूटर जब्त
एसआईटी ने डीजीपी पंजाब के कार्यालय से एक कंप्यूटर को जब्त किया है। पुलिस जांच के लिए इस कंप्यूटर को सीएफएसएल भेजेगी। बता दें कि इस मामले में सोहाना थाने के उप निरीक्षक हरविंदर सिंह, उसके बेटे, हवलदार से एएसआई बने खरड़ थाने के मुंशी संजीव कुमार और एक सिविलियन अमित गुप्ता की तलाश है।
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