सुखबीर बोले, HSGPC मामले में केंद्र करे हस्तक्षेप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करके कांग्रेस द्वारा हरियाणा में अलग गुरुद्वारा कमेटी स्थापित किए जाने की कोशिशों पर विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह प्रयास सिखों के धार्मिक मामलों में सीधा दखल है। ऐसा करके कांग्रेस सिख कौम के विभाजन की कोशिश कर रही है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा।
सुखबीर बादल ने राजनाथ से कहा कि कांग्रेस द्वारा शुरू से ही सिख कौम को विभाजित कर राज करने की नीति अपनाई गई है। अब लोकसभा चुनाव में हार के बाद खात्मे की कगार पर पहुंच चुकी कांग्रेस फिर यही तरीका अपनाकर सिखों की भावनाओं पर अपना अस्तित्व बचाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस द्वारा सोनिया गांधी के इशारे पर ही यह सब कुछ किया जा रहा है। इससे सिखों को ठेस पहुंची है, वहीं अकाली दल द्वारा सिखों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
सर्व स्वीकृत संस्था करती है गुरू धामों की देखभाल
सुखबीर ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ही सिखों के गुरु धामों की संभाल के लिए सर्व स्वीकृत संस्था हैं। इससे विश्व के किसी भी कोने में रहने सिख भावनात्मक तौर पर जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि जहां तक हरियाणा स्थित गुरुद्वारा साहिबानों के प्रबंध का प्रश्न है, वह बहुत ही शानदार ढंग से चलाया जा रहा है। वहां कमेटी द्वारा अनेक शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थान चलाए जा रहे हैं। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उप मुख्यमंत्री को यकीन दिलाया कि केंद्र सरकार सिख कौम के हितों की रक्षा करेगी।
हरियाणा भाजपा भी एचएसजीपीसी के खिलाफ
हरियाणा में भाजपा अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मामले में कांग्रेस से सहमत नहीं है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि वे हरियाणा की अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नाम पर हरियाणा पंजाब के सिखों को लड़वाना नहीं चाहते।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राम बिलास शर्मा ने यहां साफ किया कि यह कांग्रेस का राजनीतिक स्टंट है। यदि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर गंभीर थी तो पिछले दस साल के अपने शासनकाल में उसे अलग कमेटी बनाने की याद क्यों नहीं आई।
यह पूछने पर कि भाजपा का इस मामले में क्या स्टैंड है, शर्मा ने कहा कि यह सिखों का धार्मिक मामला है, हम उनके मामले में दखल नहीं देना चाहते, लेकिन यह कानून केंद्र का कानून है।
हुड्डा सरकार सिर्फ विधानसभा चुनाव निकल देखकर लंबी-लंबी घोषणाएं कर रही है। भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने दावा किया कि यह केंद्र सरकार का एक्ट है।
विधानसभा में सरकार इस पार्लियामेंट के एक्ट में संशोधन नहीं कर सकती है। विज ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र मानसून सेशन न होकर फेयरवेल सेशन है। लिहाजा सरकार के विदाई समारोह में सभी विधायकों को बराबर बोलने का मौका देना चाहिए।