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संगरूर में किसान ने जहर निगला, पिता का कर्ज नहीं चुका पा रहा था
ब्यूरो/अमर उजाला, सुनाम(संगरूर)
Updated Fri, 20 May 2016 12:06 PM IST
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कर्ज से परेशान होकर सुसाइड करने वाले किसान का फाइल फोटो
- फोटो : फाइल फोटो
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पिता ने 30 लाख का कर्ज लिया था, जिसे किसान बेटा चुका नहीं पा रहा था। दुखी होकर नौजवान ने जहर निगल लिया। मामला संगरूर के सुनाम का है। गांव उपली के एक नौजवान किसान ने कर्ज से तंग आकर जहरीली वस्तु निगलकर अपनी जान दे दी है। कम जमीन होने के कारण मृतक किसान बैंक का कर्ज चुकाने में असमर्थ था और इसी दबाव की वजह से किसान में आत्महत्या कर ली।
सदर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर लाश परिजनों को सौंप दी है। दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां ने किसानों की आत्महत्या के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। गांव उपली के किसान जगतार सिंह (28) के पिता हरदेव सिंह ने बैंक से 20 लाख और प्राइवेट तौर पर 10 लाख रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन जमीन कम होने के कारण बैंक का कर्ज वापस नहीं हो पा रहा था।
कर्ज के कारण जगतार सिंह परेशान था और बुधवार रात को उसने जहरीली वस्तु निगल ली। जगतार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालात नाजुक होने के कारण उसे लुधियाना रेफर कर दिया गया और रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस के जांच अधिकारी लाभ सिंह ने कहा कि धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। गांव के सरपंच दर्शन सिंह, पूर्व सरपंच गुरजंट सिंह ने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां, जिला नेता दरबारा सिंह छाजला व ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल हरदेव सिंह ने कहा कि बैंक से 20 लाख और प्राइवेट तौर पर 10 लाख रुपये का लोन लिया था। तोलावाल ने कहा कि पंजाब के किसान आर्थिक तंगी से परेशान होकर लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। पंजाब में रोजाना तीन चार किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन सरकार खामोश है। इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। सरकार को किसानों की आर्थिक स्थिति दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
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सदर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर लाश परिजनों को सौंप दी है। दूसरी तरफ भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां ने किसानों की आत्महत्या के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। गांव उपली के किसान जगतार सिंह (28) के पिता हरदेव सिंह ने बैंक से 20 लाख और प्राइवेट तौर पर 10 लाख रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन जमीन कम होने के कारण बैंक का कर्ज वापस नहीं हो पा रहा था।
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कर्ज के कारण जगतार सिंह परेशान था और बुधवार रात को उसने जहरीली वस्तु निगल ली। जगतार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालात नाजुक होने के कारण उसे लुधियाना रेफर कर दिया गया और रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस के जांच अधिकारी लाभ सिंह ने कहा कि धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। गांव के सरपंच दर्शन सिंह, पूर्व सरपंच गुरजंट सिंह ने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां, जिला नेता दरबारा सिंह छाजला व ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल हरदेव सिंह ने कहा कि बैंक से 20 लाख और प्राइवेट तौर पर 10 लाख रुपये का लोन लिया था। तोलावाल ने कहा कि पंजाब के किसान आर्थिक तंगी से परेशान होकर लगातार आत्महत्या कर रहे हैं। पंजाब में रोजाना तीन चार किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन सरकार खामोश है। इसके लिए सीधे तौर पर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। सरकार को किसानों की आर्थिक स्थिति दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।