चंडीगढ़: पार्कों में टहलने के लिए देना पड़ सकता है शुल्क, 10 या 20 रुपये का प्रस्ताव
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चंडीगढ़ के पार्कों में टहलने के लिए भी अब लोगों को शुल्क देना पड़ सकता है। फंड की समस्या से जूझ रहे नगर निगम को संकट से उबारने के लिए बागवानी विभाग ने यह सुझाव दिया है। साथ ही विभाग ने कुछ बड़े पार्कों का नाम भी सुझाया है। इस प्रस्ताव पर क्राफ्ड ने आपत्ति जताई है। क्राफ्ड का कहना है कि सैर करने के लिए भी अब अगर शहर में शुल्क देना पड़े तो इससे ज्यादा दु:खद कुछ नहीं हो सकता।
बता दें कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। यह बात किसी से छिपी भी नहीं है। निगम ने अपने विभागों से राजस्व बढ़ाने के लिए सुझाव देने को कहा था। इस पर बागवानी विभाग की ओर से सुझाव दिया गया है कि शहर के बड़े पार्कों में टहलने के लिए आने वालों से प्रतिदिन का पास व घूमने के लिए बाहर से आने वाले सैलानियों के लिए टिकट की व्यवस्था लागू की जा सकती है। इनसे शुल्क के रूप में 10 या 20 रुपये लिए जा सकते हैं।
इस प्रस्ताव का चंडीगढ़ रेजिडेंट एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड) ने कड़ा विरोध किया है। संगठन के सदस्यों का कहना है कि पार्क कोई पर्यटन स्थल नहीं हैं। ऐसे में पार्कों में टहलने के लिए शुल्क लगाने के बारे में सोचना बिल्कुल गलत है। यदि शहर के निवासियों को अपने नजदीकी पार्क में प्रवेश के लिए फीस अदा करनी पड़े तो इससे ज्यादा दुख की बता क्या हो सकती है।
इन पार्कों पर शुल्क लगाने के लिए रखा है प्रस्ताव
- 1. सेक्टर-36 का फ्रेगरेंस पार्क
- 2. सेक्टर-16 का रोज गार्डन
- 3. सेक्टर-31 का जैपनीज पार्क
- 4. सेक्टर-49 का वैली ऑफ एनिमल पार्क
- 5. मनीमाजरा का शिवालिक पार्क
शहर के तंग इलाकों में रहने वाला आम नागरिक जो अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक है, उसके पास सैर करने के लिए मात्र यही पार्क उपलब्ध हैं। इन पार्कों पर प्रवेश शुल्क लगाना उचित नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि निगम को इससे बहुत ज्यादा राजस्व नहीं आने वाला इसलिए इस सुझाव को प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है। - हितेश पुरी, चेयरमैन, क्राफ्ड
पार्क चंडीगढ़ के निवासियों की धरोहर हैं। ऐसे में शहर के निवासियों को अपने ही शहर के पार्कों में जाने के लिए टिकट लेनी पड़े या सैर करने के लिए पास बनवाना पड़े तो यह बड़े दुख की बात है। नगर निगम को वित्तीय संसाधन बढ़ाने के लिए इससे हटकर विकल्प ढूंढने चाहिए। - डॉ. अनीश गर्ग, मुख्य प्रवक्ता, क्राफ्ड
निगम में वित्तीय संकट है। ऐसे में विभाग की ओर से भी पार्कों में टिकट लगाने का सुझाव दिया गया है। इस पर सभी से सुझाव लेने के बाद ही कोई फैसला होगा। - केपी सिंह, एसई, बागवानी विभाग