फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sugarfed formed a new investigation committee

Chandigarh News: रिटायर्ड सेशन जज की रिपोर्ट दरकिनार, शुगरफेड ने गठित की नई जांच कमेटी

Mon, 27 Nov 2023 12:43 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Nov 2023 12:43 AM IST
विज्ञापन
Sugarfed formed a new investigation committee
फर्जी दस्तावेजों से नौकरी लगने का मामला :
विज्ञापन

अब पानीपत और गोहाना शुगर मिल के एमडी की कमेटी करेगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शाहाबाद शुगर मिल में सहायक इंजीनियर रहे और वर्तमान में पंचकूला शुगरफेड में डिप्टी टेक्नीकल एडवाइजर के पद पर तैनात यशवीर सिंह के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के मामले में रिटायर्ड सेशन जज द्वारा की गई जांच को दरकिनार करते हुए शुगरफेड ने मामले में नए सिरे से जांच कमेटी गठित की है। अब पानीपत शुगर मिल और गोहाना शुगर मिल के एमडी की कमेटी इस मामले की जांच करेगी। उधर, शिकायतकर्ता ने इस इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि मामले में लीपापोती की कोशिश की जा रही है। यशवीर सिंह के खिलाफ शुगरफेड को शिकायतें मिली थी। शिकायत के आधार पर जुलाई माह में मामले की जांच रिटायर्ड जज आरपी भसीन को सौंपी गई थी। सितंबर में जांच रिपोर्ट आई थी। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में लिखा है कि यशवीर ने फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी, ऐसे में उनकी नियुक्ति सही नहीं है और पदोन्नति भी कानूनन अवैध है। इसलिए आरोपी के खिलाफ धारा 1860 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद शाहाबाद शुगर मिल के एमडी ने आगामी कार्यवाही को लेकर शुगरफेड से सलाह मांगी थी।

तर्क : रिपोर्ट में साफ नहीं कौन से दस्तावेज फर्जी
रिपोर्ट के बाद शुगरफेड ने इस मामले में नए सिरे से जांच कमेटी गठित कर दी। शुगरफेड के एमडी ने कहा कि रिटायर्ड सेशन जज की रिपोर्ट से यह साफ नहीं होता कि कौन से दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं, शैक्षणिक या अनुुभव के। इसलिए इस मामले में नए सिरे से जांच की जरूरत है। गौरतलब है कि शाहाबाद शुगर मिल की ओर से 2012 में सहायक इंजीनियर पद पर विज्ञापन जारी किया था। शिकायतकर्ता संदीप सिंह का कहना है कि शर्तों के अनुसार, उनकी योग्यता मास्टर डिग्री थी, जबकि यशवीर सिंह के पास बीटेक की डिग्री थी। तत्कालीन अधिकारियों ने मैरिट को दरकिनार करके फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यशवीर सिंह को नौकरी दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed