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Hindi News ›   Chandigarh ›   Success Story of Hockey Player Reena Khokhar of NayaGaon

सफलता: हॉकी खिलाड़ी रीना को बचपन से था खेलने का शौक, चंडीगढ़ में सीखे गुर और कर दिया परिवार का नाम रोशन 

Sun, 29 Aug 2021 02:38 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, नयागांव (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 29 Aug 2021 02:38 AM IST
सार

रीना खोखर की बड़ी बहन भी राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबाल खेल चुकी हैं। शुरू में वह जूडो कराटे खेलती थीं, लेकिन बाद में थापर यूनिवर्सिटी की ओर से वह राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबाल खिलाड़ी बनी।

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Success Story of Hockey Player Reena Khokhar of NayaGaon
रीना खोखर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

टोक्यो ओलंपिक में सेमीफाइनल खेलने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी रीना खोखर के पिता बीएसएफ में थे। ऐसे में घर की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पर थी। रीना बताती हैं कि तीन भाई-बहन को पढ़ाने लिखाने के साथ-साथ घर का काम और मुझे स्टेडियम छोड़ना, लाना। यह सारा काम मां ही करती थीं। मां की ममता और मेहनत से ही वे आज इस मुकाम तक पहुंच पाई हैं। 

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रीना ने बताया कि उनका सपना अपने देश का नाम रोशन करने का है। बचपन से ही खेलने का बड़ा शौक था। 

नयागांव की रहने वाली रीना ने शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल स्कूल सेक्टर-19 से की। छठी कक्षा से ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था। पढ़ाई के साथ-साथ सेक्टर-18 स्थित स्टेडियम में हॉकी का अभ्यास करती थी। इस दौरान ही चंडीगढ़ की महिला हॉकी टीम की सदस्य बन चुकी थीं।
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न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच से हुआ था कॅरिअर का आगाज
रीना ने बताया कि उन्होंने 2017 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच खेलकर अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत की थी। वह 2017 से लगातार भारतीय महिला हॉकी टीम की सदस्य हैं। इस दौरान उन्होंने एशियाई खेल, हॉकी विश्व कप के साथ-साथ और कई टूर्नामेंट भी खेले हैं।
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बहन की प्रेरणा से हासिल किया मुकाम
रीना खोखर ने बताया कि उनके परिवार में शुरू से ही खेल की भावना थी। उनकी बड़ी बहन भी राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबाल खेल चुकी हैं। शुरू में वह जूडो कराटे खेलती थीं, लेकिन बाद में थापर यूनिवर्सिटी की ओर से वह राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबाल खिलाड़ी बनी। उसी से प्रेरणा लेते हुए मैंने भी खेल में ही आगे बढ़ने का फैसला लिया था। वर्तमान में वह कपूरथला स्थित रेलवे फैक्ट्री में बतौर सुपरिंटेंडेंट काम कर रही हैं।


ग्वालियर में भी सीखी थीं हॉकी की बारीकियां
रीना के पिता जसपाल खोखर ने बताया कि रीना ने अपनी स्नातक हॉकी खेलने के साथ-साथ ही की है। रीना ग्वालियर स्थित शाही एकेडमी में हॉकी सीखने चली गई थीं। उस समय लड़की को घर से बाहर भेजने पर हमें काफी डर लगा था, लेकिन रीना ने उसके बाद मुड़कर पीछे नहीं देखा। लगातार अपनी मंजिल की तरफ बढ़ती गई। उसने अपनी मेहनत और लगन के दम पर आज यह मुकाम हासिल किया है। ग्वालियर में ही स्थित रिफाइनरी में रीना को नौकरी मिल गई थी। लेकिन रीना कुछ बड़ा करना चाहती थी। इस कारण उसने 10 महीने के बाद ही नौकरी छोड़ दी थी।

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