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बेमिसालः 73 की उम्र में इन्होंने कर दिखाया वो कारनामा, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
Mon, 29 Jul 2019 11:21 AM IST
खुशबू गोयल
रीतिका पठानियां, अमर उजाला, पंचकूला
रीतिका पठानियां, अमर उजाला, पंचकूला
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 29 Jul 2019 11:21 AM IST
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बजीर चंद गोयल
- फोटो : अमर उजाला
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किसी ने सच ही कहा है कि कामयाबी उम्र की मोहताज नहीं है। 73 साल की उम्र में एक शख्स ने वो कारनामा कर दिखाया कि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो गया। पंचकूला में सेक्टर-12 निवासी 73 वर्षीय बजीर चंद गोयल ने रिटायरमेंट के बाद डिग्री हासिल करके और नेशनल लेवल पर रिले रेस में विजय प्राप्त करके अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कराया है।
इस सम्मान के साथ ही वह युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। बजीर चंद यह रिकॉर्ड हासिल करने वाले ट्राइसिटी के पहले सीनियर सिटीजन हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को परिस्थितियों का मुकाबला करते हुए अपने कदम आगे बढ़ाते रहना चाहिए। ऐसे लोग सफलता हासिल करते हैं, जो बिना रुके और झुके आगे बढ़ते हैं।
बजीर चंद गोयल ने बताया कि उन्हें इस रिकॉर्ड के बारे में एक महीने पहले उनके दोस्त से पता चला। जैसे ही रिकॉर्ड की जानकारी मिली उन्होंने अप्लाई कर दिया। इसके बाद उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से परफॉर्मा भरने और सर्टिफिकेट वेरीफिकेशन के लिए कहा गया।
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सभी दस्तावेजों की पुष्टि होने के बाद उनका इस रिकॉर्ड के लिए चयन हुआ और दोनों उपलब्धियों के लिए सर्टिफिकेट व मेडल उनके घर भेज दिए गए। बजीर चंद गोयल ने बताया कि इतना बड़ा सम्मान पाकर वे बहुत खुश हैं।
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इस सम्मान के साथ ही वह युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। बजीर चंद यह रिकॉर्ड हासिल करने वाले ट्राइसिटी के पहले सीनियर सिटीजन हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को परिस्थितियों का मुकाबला करते हुए अपने कदम आगे बढ़ाते रहना चाहिए। ऐसे लोग सफलता हासिल करते हैं, जो बिना रुके और झुके आगे बढ़ते हैं।
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बजीर चंद गोयल ने बताया कि उन्हें इस रिकॉर्ड के बारे में एक महीने पहले उनके दोस्त से पता चला। जैसे ही रिकॉर्ड की जानकारी मिली उन्होंने अप्लाई कर दिया। इसके बाद उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से परफॉर्मा भरने और सर्टिफिकेट वेरीफिकेशन के लिए कहा गया।
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सभी दस्तावेजों की पुष्टि होने के बाद उनका इस रिकॉर्ड के लिए चयन हुआ और दोनों उपलब्धियों के लिए सर्टिफिकेट व मेडल उनके घर भेज दिए गए। बजीर चंद गोयल ने बताया कि इतना बड़ा सम्मान पाकर वे बहुत खुश हैं।
एथलेटिक्स में हासिल किए 25 से अधिक मेडल
बजीर चंद गोयल एथलेटिक्स में नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अब तक 25 से ज्यादा मेडल हासिल कर चुके हैं। पिछले वर्ष ही उन्हें हरियाणा विधानसभा स्पीकर कंवरपाल की ओर से इंडो-बांग्लादेश मास्टर एथलेटिक चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया। बजीर चंद ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद वह एक दिन स्टेडियम में घूमने गए थे, जहां बहुत से लोग खेल रहे थे। इससे उन्हें प्रेरणा मिली और उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्हें पहला पुरस्कार हासिल हुआ और फिर उनका नाम मीडिया में आया। तब से वह निरंतर मास्टर एथलेटिक्स में भाग ले रहे हैं।
2003 में एक्सईएन के पद से रिटायर्ड
बजीर चंद गोयल इरीग्रेशन डिपार्टमेंट में एक्सईएन के पद से 2003 में रिटायर हुए। इंजीनियरिंग विंग में कार्यरत होने से पहले उन्होंने बीटेक की थी। इसके बाद उन्होंने एमटेक की। 2003 में रिटायरमेंट के बाद जहां उन्होंने पांच पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रियां हासिल कीं। वहीं वैदिक योगा में पीएचडी की। बजीर चंद गोयल ब्रह्मकुमारी समाज से जुड़े हैं। वर्तमान में वह विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में जाकर स्टूडेंट्स को खुश रहने के तरीके बताते हैं और मोटिवेशनल लेक्चर देते हैं।
सामाजिक कार्यों में हमेशा रहे आगे
बजीर चंद गोयल सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रसर रहे हैं। वह शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करने से लेकर गरीब और असहाय लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहने वाले कई एनजीओ से जुड़े हैं। सामाजिक कार्यों के लिए भी उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। इस आयु में इतनी अधिक डिग्रियां और स्पोर्ट्स में उपलब्धियां हासिल करने वाले वह पंचकूला के इकलौते सीनियर सिटीजन हैं।
2003 में एक्सईएन के पद से रिटायर्ड
बजीर चंद गोयल इरीग्रेशन डिपार्टमेंट में एक्सईएन के पद से 2003 में रिटायर हुए। इंजीनियरिंग विंग में कार्यरत होने से पहले उन्होंने बीटेक की थी। इसके बाद उन्होंने एमटेक की। 2003 में रिटायरमेंट के बाद जहां उन्होंने पांच पोस्ट ग्रेजुएट डिग्रियां हासिल कीं। वहीं वैदिक योगा में पीएचडी की। बजीर चंद गोयल ब्रह्मकुमारी समाज से जुड़े हैं। वर्तमान में वह विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में जाकर स्टूडेंट्स को खुश रहने के तरीके बताते हैं और मोटिवेशनल लेक्चर देते हैं।
सामाजिक कार्यों में हमेशा रहे आगे
बजीर चंद गोयल सामाजिक कार्यों में हमेशा अग्रसर रहे हैं। वह शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मदद करने से लेकर गरीब और असहाय लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहने वाले कई एनजीओ से जुड़े हैं। सामाजिक कार्यों के लिए भी उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। इस आयु में इतनी अधिक डिग्रियां और स्पोर्ट्स में उपलब्धियां हासिल करने वाले वह पंचकूला के इकलौते सीनियर सिटीजन हैं।