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Chandigarh News: पंजाब के नायकों के किस्से-कहानियों को जानेंगे विद्यार्थी
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-जालंधर के एक सरकारी स्कूल में अजीब स्थिति देखकर हैरत में पड़ गए थे शिक्षा मंत्री
-शहीद के नाम पर था स्कूल का नाम मगर उसके के बारे में न प्राचार्य को पता था और न बच्चों को
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिछले दिनों जालंधर में सरकारी स्कूल के दौरे के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के सामने आया था। संबंधित स्कूल का नाम एक शहीद के नाम पर था। शिक्षा मंत्री ने जब स्कूल के प्राचार्य से उस शहीद के बारे में पूछा तो उन्हें उसके बारे में कुछ मालूम नहीं था। विद्यार्थियों से पूछा तो वे भी शहीद के बारे में कुछ नहीं जानते थे। इस पर शिक्षा मंत्री बैंस बहुत हैरान हुए।
ऐसी स्थिति के मद्देनजर पंजाब सरकार ने अब यह फैसला लिया है कि सूबे में जितने सरकारी स्कूलों के नाम पंजाब के शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, गदर लहर के नायकों और नामवर हस्तियों के नाम पर रखे गए हैं, उन स्कूलों में अब उनकी तस्वीरें और किस्से अंकित किए जाएंगे। जिन नायकों की तस्वीरें नहीं मिलेंगी, उनके चित्र बनवाए जाएंगे। इसके अलावा शहीदों ने किन मोर्चाें पर लड़ाई लड़ी, वे कैसे शहीद हुए, स्वतंत्रता सेनानियों ने कैसे आजादी के लिए आंदोलन किया, गदर लहर में गदरी बाबों की क्या भूमिका थी और सूबे की नामवर हस्तियों की क्या जीवनी है, ये सब संबंधित स्कूलों में अंकित की जाएंगी ताकि बच्चे और शिक्षक दोनों उनके बारे में जान सकें।
स्कूलों के नाम भी बदलेंगे
बैंस ने बताया कि पंजाब सरकार ने 115 सरकारी स्कूलों का नाम स्वतंत्रता संग्रामियों, शहीदों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यश अर्जित करने वाली शख्सियतों के नाम पर रखा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी एलान कर चुके हैं कि जालंधर जिले के ब्यास पिंड के स्कूल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि हासिल करने वाले मैराथन धावक सरदार फौजा सिंह के नाम पर रखा जाएगा। साल 2023 में खटकड़ कलां के सरकारी हाई स्कूल का नाम बदल कर शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह सरकारी हाई स्कूल रखा था, जो इस महान शहीद की शहादत के दशकों बाद किया गया।
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-शहीद के नाम पर था स्कूल का नाम मगर उसके के बारे में न प्राचार्य को पता था और न बच्चों को
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पिछले दिनों जालंधर में सरकारी स्कूल के दौरे के दौरान एक हैरान करने वाला वाकया पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के सामने आया था। संबंधित स्कूल का नाम एक शहीद के नाम पर था। शिक्षा मंत्री ने जब स्कूल के प्राचार्य से उस शहीद के बारे में पूछा तो उन्हें उसके बारे में कुछ मालूम नहीं था। विद्यार्थियों से पूछा तो वे भी शहीद के बारे में कुछ नहीं जानते थे। इस पर शिक्षा मंत्री बैंस बहुत हैरान हुए।
ऐसी स्थिति के मद्देनजर पंजाब सरकार ने अब यह फैसला लिया है कि सूबे में जितने सरकारी स्कूलों के नाम पंजाब के शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों, गदर लहर के नायकों और नामवर हस्तियों के नाम पर रखे गए हैं, उन स्कूलों में अब उनकी तस्वीरें और किस्से अंकित किए जाएंगे। जिन नायकों की तस्वीरें नहीं मिलेंगी, उनके चित्र बनवाए जाएंगे। इसके अलावा शहीदों ने किन मोर्चाें पर लड़ाई लड़ी, वे कैसे शहीद हुए, स्वतंत्रता सेनानियों ने कैसे आजादी के लिए आंदोलन किया, गदर लहर में गदरी बाबों की क्या भूमिका थी और सूबे की नामवर हस्तियों की क्या जीवनी है, ये सब संबंधित स्कूलों में अंकित की जाएंगी ताकि बच्चे और शिक्षक दोनों उनके बारे में जान सकें।
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स्कूलों के नाम भी बदलेंगे
बैंस ने बताया कि पंजाब सरकार ने 115 सरकारी स्कूलों का नाम स्वतंत्रता संग्रामियों, शहीदों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यश अर्जित करने वाली शख्सियतों के नाम पर रखा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी एलान कर चुके हैं कि जालंधर जिले के ब्यास पिंड के स्कूल का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि हासिल करने वाले मैराथन धावक सरदार फौजा सिंह के नाम पर रखा जाएगा। साल 2023 में खटकड़ कलां के सरकारी हाई स्कूल का नाम बदल कर शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह सरकारी हाई स्कूल रखा था, जो इस महान शहीद की शहादत के दशकों बाद किया गया।
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