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कनाडा में पढ़ाई की चाह रखने वालों के लिए राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 17 Feb 2014 10:16 AM IST
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कनाडा जाकर जो स्टूडेंट्स पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्हें कनाडा सरकार ने बड़ी राहत दी है।
सरकार ने अपने वीजा नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स अब अपने एजुकेशन कोर्स के शुरू होने के पहले दिन से ही कमाई कर सकेंगे।
इसके लिए अब उन्हें 20 घंटे प्रति सप्ताह के वर्क परमिट के लिए अप्लाई करने की कोई जरूरत नहीं होगी, जो कि पहले अनिवार्य होता था।
वर्ल्ड वाइड इमिग्रेशन कंसल्टेंसी सर्विसेज (डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस) ग्रुप के सीएमडी ले. कर्नल बीएस संधू ने बताया कि सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन कनाडा द्वारा किए गए बदलाव एक जून से लागू होंगे।
इस बदलाव की वजह इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को क्वॉलिटी एजुकेशन देना और साथ ही उन संस्थानों को निकाल बाहर फैंकना है। जो सीआईसी के मानकों पर खरे नहीं उतरते।
उन्होंने बताया कि सीआईसी ने यह घोषणा की है कि जो स्टूडेंट्स किसी एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत विजिटर वीजा पर भी आए हैं।
वे भी कनाडा में रहते हुए स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं। पुराने नियमों के अनुसार स्टूडेंट को पहले अपने देश वापस आकर ही स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई करना पड़ता था।
संधू ने कहा कि कई ऐसे संस्थान भी हैं, जो सीआईसी के मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसलिए स्टूडेंट्स को अपना कॉलेज या यूनिवर्सिटी बड़ी ही सावधानी से चुनने चाहिए।
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ऐसे में डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस जैसी कंपनी ही स्टूडेंट्स की मदद कर सकती है। जिसकी साझेदारी कैनेडा के बेस्ट कॉलेज और विश्वविद्यालयों से है।
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सरकार ने अपने वीजा नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स अब अपने एजुकेशन कोर्स के शुरू होने के पहले दिन से ही कमाई कर सकेंगे।
इसके लिए अब उन्हें 20 घंटे प्रति सप्ताह के वर्क परमिट के लिए अप्लाई करने की कोई जरूरत नहीं होगी, जो कि पहले अनिवार्य होता था।
वर्ल्ड वाइड इमिग्रेशन कंसल्टेंसी सर्विसेज (डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस) ग्रुप के सीएमडी ले. कर्नल बीएस संधू ने बताया कि सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन कनाडा द्वारा किए गए बदलाव एक जून से लागू होंगे।
इस बदलाव की वजह इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को क्वॉलिटी एजुकेशन देना और साथ ही उन संस्थानों को निकाल बाहर फैंकना है। जो सीआईसी के मानकों पर खरे नहीं उतरते।
उन्होंने बताया कि सीआईसी ने यह घोषणा की है कि जो स्टूडेंट्स किसी एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत विजिटर वीजा पर भी आए हैं।
वे भी कनाडा में रहते हुए स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई कर सकते हैं। पुराने नियमों के अनुसार स्टूडेंट को पहले अपने देश वापस आकर ही स्टूडेंट वीजा के लिए अप्लाई करना पड़ता था।
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संधू ने कहा कि कई ऐसे संस्थान भी हैं, जो सीआईसी के मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसलिए स्टूडेंट्स को अपना कॉलेज या यूनिवर्सिटी बड़ी ही सावधानी से चुनने चाहिए।
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ऐसे में डब्ल्यूडब्ल्यूआईसीएस जैसी कंपनी ही स्टूडेंट्स की मदद कर सकती है। जिसकी साझेदारी कैनेडा के बेस्ट कॉलेज और विश्वविद्यालयों से है।