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चंडीगढ़ः पीजी से निकाले जाने के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र-छात्राएं और डीसी से की मुलाकात

Sat, 29 Feb 2020 11:06 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 29 Feb 2020 11:06 AM IST
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Students took to the streets to protest against the expulsion from PG
छात्र छात्राओं को समझाते उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ - फोटो : अमर उजाला
पीजी से निकाले जाने के विरोध में उनमें रहने वाले छात्र-छात्राएं शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। सेक्टर-22 और 32 के पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में शहर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। साथ ही उपायुक्त कार्यालय में धरना दिया। उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ के समझाने के बाद ही आक्रोशित विद्यार्थी शांत हुए।
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बता दें कि 22 फरवरी को सेक्टर 32 स्थित एक अवैध पीजी में आग लग गई थी। इसमें तीन छात्राओं की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि पीजी अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। इसके बाद से यूटी प्रशासन ने शहर में संचालित किए जा रहे अवैध पीजी के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। अभियान के तहत संचालकों को रजिस्ट्रेशन कराने और तय मानक पूरा करने को कहा जा रहा है।
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प्रशासन की इस कार्रवाई से पीजी संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है और डर के कारण वे अवैध पीजी से स्कूली बच्चों को निकाल रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश पनप रहा है। शुक्रवार को सेक्टर-22 और 32 के पीजी में रहने वाले विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने धरना दिया। उनका कहना था कि प्रशासन की इस कार्रवाई से उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। परीक्षाएं होने वाली हैं और पीजी संचालक उन्हें निकाल रहे हैं, अब वे कहां जाएं।
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बच्चों की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता, 15 दिन में पीजी रजिस्टर्ड करवाने के आदेश
धरनास्थल पर पहुंचकर उपायुक्त मनदीप सिंह बराड़ ने आक्रोशित छात्र-छात्राओं को समझाया। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शहर में चल रहे पीजी संचालक 15 दिनों के भीतर हेल्प डेस्क पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उन्होंने बच्चों को कहा कि भविष्य में कोई ऐसा बड़ा हादसा न हो, इसी के तहत अभियान चलाया जा रहा है।

धरनास्थल पर पहुंचे पीजी संचालक
उपायुक्त कार्यालय में विद्यार्थियों के धरना स्थल पर पीजी संचालक भी पहुंच गए, जहां उन्होंने उपायुक्त को अपनी परेशानियां बताईं। उपायुक्त ने संचालकों को कहा कि उनके साथ किसी प्रकार की कोई नाइंसाफी नहीं की जाएगी। वे दिए गए समय में अपना पीजी रजिस्टर्ड करवा सकते हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक से मिले एबीवीपी कार्यकर्ता

पीजी से छात्र छात्राओं को निकाले जाने के मामले में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा निदेशक रूबिंदर सिंह बराड़ से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि पीजी से निकाले जाने वाले छात्र छात्राओं को विद्यालय परिसर में ही आवासीय सुविधा दी जाए। उच्च शिक्षा निदेशक ने कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है।

मुलाकात के दौरान उच्च शिक्षा निदेशक ने बताया कि सेक्टर 46, 42 राजकीय कॉलेजों में छात्रावास बनाने के लिए बजट स्वीकृत किया गया है। एबीवीपी की पंजाब प्रभारी कुदरत ने बताया कि पीयू उच्च शिक्षा निदेशक के अंतर्गत नहीं आती है, इसलिए उन्होंने पीयू के वाइस चांसलर से भी मुलाकात की और मांग की कि यदि अवैध रूप से संचालित हो रहे पीजी से छात्र छात्राओं को निकाला जाता है तो पीयू परिसर में ही उनके लिए अस्थायी रहने की सुविधा की जाए।
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