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जेएनयू प्रकरण: पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों का हंगामा, तीन घंटे तनाव, पुलिस ने संभाले हालात

Tue, 07 Jan 2020 12:22 AM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 07 Jan 2020 12:22 AM IST
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Students Protest in Punjab University against JNU Violence
छात्र संगठनों ने काटा बवाल - फोटो : अमर उजाला

जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले की आंच पीयू तक पहुंच गई है। सोमवार को आक्रोशित छात्र संगठनों ने स्टूडेंट सेंटर पर जबरदस्त नारेबाजी की। वामपंथी, एनएसयूआई और एबीवीपी आमने सामने आ गए। तीन घंटे तक तनाव का माहौल रहा। बवाल की आशंका को देख पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने तीनों संगठनों को अलग-अलग किया। इस दौरान खूब नोकझोंक भी हुई। गनीमत रही कि पुलिस की सूझबूझ से पीयू में जेएनयू जैसा माहौल नहीं बन पाया। 

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एबीवीपी के सदस्यों ने दोपहर 12 बजे स्टूडेंट सेंटर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। अध्यक्ष हरीश गुर्जर, पूर्व अध्यक्ष कुलदीप पंघाल, जतिन सहित अन्य छात्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इनका आरोप था कि वामपंथियों ने देश भर के शिक्षण संस्थानों में गुंडाराज कायम कर दिया है। जेएनयू में रात को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य छात्र-छात्राओं पर हमले किए गए। विद्यार्थियों को एडमिशन नहीं लेने दे रहे हैं। फीस की रसीदें जमा नहीं हो पा रही हैं। जेएनयू को इस संगठन ने खरीद रखा है। 
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हंगामा क्यों बरपा
बात तब बिगड़ी जब प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी ने जेएनयू प्रकरण में एनएसयूआई का हाथ भी बता दिया। यह सुनते ही स्टूडेंट सेंटर के रैंप पर प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अनुज सिंह, स्टूडेंट काउंसिल उपाध्यक्ष राहुल समेत अन्य छात्रों ने एबीवीपी व केंद्र सरकार के खिलाफ ही नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते हंगामा बढ़ गया। तुरंत पुलिस पहुंच गई और एनएसयूआई को रैंप पर ही रोक दिया। इधर, एबीवीपी के सदस्य भी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ गए। 
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कैंपस में गूंजी फैज की कविता..हम भी देखेंगे
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्र संगठन ने फैज की कविता ‘हम भी देखेंगे’पढ़ी। कहा कि कविता में शब्द हैं लेकिन केंद्र सरकार व एबीवीपी उन्हीं पर बैन लगाने की बात कर रही है। अभिव्यक्ति की आजादी संविधान में है लेकिन भाजपा सबके मुंह पर ताला लगाना चाहती है। इस दौरान पोस्टरों पर नारे लिखकर सभी संगठन विरोध कर रहे थे। साथ ही नागरिकता का मुद्दा भी विद्यार्थियों ने उठाया। कहा कि धर्म के नाम पर लोगों को बांटा जा रहा है। 

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