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Punjab: स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों को मुफ्त मिलेगी ड्रेस, NIFT बंगलुरु को मिली डिजाइनिंग की जिम्मेदारी
Thu, 22 Jun 2023 08:56 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 22 Jun 2023 08:56 AM IST
सार
राज्य सरकार द्वारा सूबे के 23 जिलों में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में शुरुआती चरण में कक्षा 9वीं और 11वीं में दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया गया है। इन स्कूलों के लिए 10 हजार विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पंजाब सरकार द्वारा स्थापित किए गए स्कूल ऑफ एमिनेंस में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की ड्रेस निजी स्कूलों की तरह खास होगी। सरकार विद्यार्थियों को यह ड्रेस मुफ्त में देगी। इस ड्रेस की डिजाइनिंग की जिम्मेदारी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) बंगलुरु को सौंपी गई है। आने वाले दिनों में संस्थान द्वारा ड्रेस का फाइनल प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।
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अनुमान है कि ड्रेस करीब चार हजार रुपये में तैयार होगी। हालांकि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को खुद ड्रेस मुफ्त में मुहैया करवाई जाएगी। इन स्कूलों के साथ राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के बाहर अब सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। ये गार्ड स्कूल लगने से पहले और छुट्टी के समय स्कूलों के बाहर तैनात रहेंगे। साथ ही वहां पर ट्रैफिक को निरंतर चलाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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राज्य सरकार द्वारा सूबे के 23 जिलों में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं। इन स्कूलों में शुरुआती चरण में कक्षा 9वीं और 11वीं में दाखिला प्रवेश परीक्षा के आधार पर दिया गया है। इन स्कूलों के लिए 10 हजार विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को सिलेबस की किताबों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जा रही है। इसके पीछे कोशिश यही है कि राज्य व देश को बढ़िया अफसर मिल पाएं। साथ ही युवा अपना कॅरियर बढ़िया तरीके से बना पाएं। स्कूलों के लिए शिक्षकों की भर्ती से लेकर अन्य औपचारिकताएं विभाग ने पूरी कर ली हैं। शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। ये स्कूल अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बनेंगे।
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कैमरों से लेकर अति आधुनिक लैब की सुविधाएं
स्कूल ऑफ एमिनेंस में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरा इंतजाम है। साथ ही विद्यार्थी पर्यावरण के भी नजदीक रहेंगे। इनमें सोलर एनर्जी का भी पूरा प्रयोग हो रहा है। सभी स्कूलों में सोलर पैनल, एलईडी लाइटस, न्यूट्रीशन गार्डन, वेस्ट मैनेजमेंट एंड प्लास्टिक रियूज एंड वाटर कंजर्वेशन सिस्टम, आग से निपटने के इंतजाम हैं। सीसीटीवी कैमरे और डिसप्ले बोर्ड और इमरजेंसी नंबर की सुविधाएं भी हैं।
स्कूलों में प्रत्येक विद्यार्थी का डिजिटल रिकॉर्ड रखा गया है। कोडेड क्लास रूम, स्टार स्टूडेंट बोर्ड, बायोमेट्रिक तरीके से हाजिरी, सभी क्लासरूम में अनाउंसमेंट सिटम, कैंटीन, टक शॉप समेत अन्य सुविधाएं हैं। इसके अलावा भाषा और गणित पर विद्यार्थियों की मजबूत पकड़ बनाने के लिए रोबोटिक लैब, वर्चुअल रियल्टी लैब, भाषा लैब समेत कई सुविधाएं शामिल हैं। विद्यार्थियों को फ्रेंच, चीनी, जर्मन, स्पेनिश व जापानी भाषा भी सिखाई जाती हैं।
32 से अधिक छात्र नहीं होंगे कक्षा के कमरे में
11वीं कक्षा में मेडिकल, नॉन मेडिकल, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज ग्रुप में पढ़ाई होगी। प्रत्येक ग्रुप में एक ही सेक्शन होगा। 32 से अधिक विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों के विद्यार्थियों को विभिन्न स्थानों की सैर तक करवाई जाएगी। साथ ही उनसे विभिन्न क्षेत्रों के माहिरों से रूबरू करवाया जाएगा।