चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों शोधार्थी और गेस्ट फैकल्टी कुलदीप पंघाल के साथ हुई मारपीट को लेकर पीयू छात्रसंघ और विभिन्न छात्र संगठनों ने सोमवार को साझा प्रेस वार्ता की। इस दौरान शोधार्थी कुलदीप ने आरोप लगाया कि हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर अपने भतीजे आरोपी हरीश गुर्जर को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस कारण अभी तक एमएलआर रिपोर्ट पुलिस नहीं ले पाई है और न ही धाराएं जोड़ी रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई करने दी जाए। पीयू एबीवीपी के पूर्व अध्यक्ष चिरांशु रतन के साथ भी मारपीट हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस जो एक सेकेंड में वाहन का चालान काट देती है, वह पीयू परिसर में शोधार्थी पर हुए जानलेवा हमले को दबाने की कोशिश में लगी है। छात्रसंघ के अध्यक्ष जतिंदर सिंह और अन्य छात्र नेताओं ने कहा कि परिसर में छात्र असुरक्षित हैं। अगर वरिष्ठ शोधार्थी के साथ मारपीट हो सकती है तो यूजी-पीजी के विद्यार्थी कैसे सुरक्षित हो सकते हैं। इसको लेकर डीएसडब्ल्यू के साथ वाइस चांसलर को भी असुरक्षा के माहौल और आरोपी विद्यार्थियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पत्र लिखा गया।
वीसी दफ्तर के साथ के पार्क में मारपीट हुई थी, उस पार्क में एक भी लाइट नहीं जल रही थी। वहीं पीयू के सीसीटीवी भी न के बराबर हैं। जब भी कोई आपराधिक घटना होती है, तब सीसीटीवी में कुछ भी कैद नहीं होता। इन्हें तत्काल प्रभाव से बदला जाना चाहिए। वहीं सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाकर मुख्य गेंटों पर चेकिंग पुख्ता करनी चाहिए, जिससे बाहरी लोगों के परिसर में आने पर रोक लगाई जा सके।