Amritsar News: पराली जलाने का सिलसिला शुरू, दादुआना के बाद गहरी मंडी गांव का वीडियो आया सामने
अमृतसर के डीसी अमित तलवाड़ ने कहा कि जिला प्रशासन ने फसल अवशेष व धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए 776 गांवों में नोडल अधिकारियों की नियुक्त की है। नोडल अधिकारियों के अलावा तहसील स्तर पर 50 क्लस्टर अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।
विस्तार
पंजाब के अमृतसर जिले में किसानों ने पराली जलाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। गुरुवार को दादुआना गांव में पराली जलाने की घटना के बाद शुक्रवार को अब गहरी मंडी गांव में पराली जलाने का मामला सामने आया है।
अमृतसर के डीसी अमित तलवाड़ ने कहा कि जिला प्रशासन ने फसल अवशेष व धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए 776 गांवों में नोडल अधिकारियों की नियुक्त की है। नोडल अधिकारियों के अलावा तहसील स्तर पर 50 क्लस्टर अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये टीमें किसानों के बीच जागरूकता फैलाने के साथ ही साथ पराली जलाने पर कानूनी कार्रवाई भी करेंगी।
#WATCH | Punjab: Stubble burning seen in a field in Gehri Mandi village of Amritsar today. pic.twitter.com/ucDMtSUmPj
— ANI (@ANI) September 29, 2023
सरकार उपलब्ध करा रही पराली प्रबंधन के यंत्र
उधर, सरकार पराली जलाने की घटनाओं को कम करने में जुटी है। यही वजह है कि विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। पंजाब सरकार किसानों को बड़े पैमाने पर पर्यावरण अनुकूल कृषि उपकरण उपलब्ध करवा रही है। इनकी सहायता से धान की पराली को जलाए बिना गेहूं की बुआई संभव है। सरकार बार-बार किसानों से अपील करती है कि पराली को खेत में ही मिला देना चाहिए। सरकार ने आदेश जारी किया है कि जो किसान अपने खेतों में पराली को आग नहीं लगाएंगे, उन किसानों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
पराली न जलाने के प्रति स्कूलों-कॉलेजों में जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर अधिक से अधिक किसानों को सरफेस सीडर मशीन के बारे में बताया जा रहा है ताकि किसान इस मशीन की मदद से बिना पराली जलाए धान गेहूं की बुआई कर सकें। वहीं आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर सरकारी कर्मचारी अपने खेतों में पराली जलाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।