{"_id":"6184f620e6040042530a5250","slug":"stubble-burning-continues-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपील बेअसर: पंजाब में बदस्तूर जारी है पराली को जलाना, तमाम कवायदों के बावजूद नहीं पड़ रहा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपील बेअसर: पंजाब में बदस्तूर जारी है पराली को जलाना, तमाम कवायदों के बावजूद नहीं पड़ रहा असर
Fri, 05 Nov 2021 02:45 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 05 Nov 2021 02:45 PM IST
सार
पंजाब में अभी तक इस साल धान के तहत जला हुआ क्षेत्र पिछले साल 5.70 लाख हेक्टेयर के मुकाबले लगभग 4.35 लाख हेक्टेयर है।
विज्ञापन
अमृतसर में जलाई जा रही पराली।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पराली न जलाने की सभी अपीलों के बावजूद पंजाब में धड़ल्ले से पराली जलाई जा रही है। पंजाब में 24 अक्तूबर को जहां पराली जलाने के मामले शून्य थे, वहीं 29 अक्तूबर से 1353 मामले सामने आए। गुरुवार को भी अमृतसर में कई जगह पराली जलाई गई। पंजाब में 31 अक्तूबर को सबसे ज्यादा 2895 स्थानों पर और एक नवंबर को 1796 जगहों पर पराली जलाई गई। सबसे ज्यादा तरनतारन, अमृतसर और फिरोजपुर में पराली जलाई जा रही है।
यह भी पढ़ें - पंजाब: बेअदबी मामलों की जांच कर रही एसआईटी पुनर्गठित, बटाला के एसएसपी भी टीम में शामिल, दो सदस्य हटाए
हालांकि पंजाब में पराली जलाने के रकबे में पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत तक की कमी आई है लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस साल मामले ज्यादा हैं। विशेषज्ञों ने दीपावली में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी की चेतावनी दी थी। इसके बाद सरकार ने जिलों में गश्त बढ़ाने का निर्देश जारी किया था। इस साल पंजाब में कुल 30.66 लाख हेक्टेयर में धान की पैदावार हो रही है।
विज्ञापन
प्रदेश में अभी तक इस साल धान के तहत जला हुआ क्षेत्र पिछले साल 5.70 लाख हेक्टेयर के मुकाबले लगभग 4.35 लाख हेक्टेयर है। 1.35 लाख हेक्टेयर लगभग 25.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में खेतों में पराली जलाने के ज्यादा मामले सामने आए हैं।
पराली प्रबंधन के तहत दी जाने वाली कुल केंद्रीय निधि का 46 प्रतिशत पंजाब को दिया जाता है। इसके बाद भी पंजाब में मामले बढ़ रहे हैं। पंजाब में 2020 में मामलों में 44.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल केंद्र ने पंजाब को 793.18 करोड़ रुपये दिए हैं। पराली जलाने के मामलों में अभी तक सरकार की ओर से किसानों से मात्र 25 लाख रुपये का ही जुर्माना वसूल किया गया है। जबकि 19 अक्टूबर तक किसानों ने 2.11 लाख हेक्टेयर (5.21 लाख एकड़) खेत में पराली जलाई।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - पंजाब: बेअदबी मामलों की जांच कर रही एसआईटी पुनर्गठित, बटाला के एसएसपी भी टीम में शामिल, दो सदस्य हटाए
विज्ञापन
हालांकि पंजाब में पराली जलाने के रकबे में पिछले साल के मुकाबले 25 प्रतिशत तक की कमी आई है लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस साल मामले ज्यादा हैं। विशेषज्ञों ने दीपावली में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी की चेतावनी दी थी। इसके बाद सरकार ने जिलों में गश्त बढ़ाने का निर्देश जारी किया था। इस साल पंजाब में कुल 30.66 लाख हेक्टेयर में धान की पैदावार हो रही है।
विज्ञापन
प्रदेश में अभी तक इस साल धान के तहत जला हुआ क्षेत्र पिछले साल 5.70 लाख हेक्टेयर के मुकाबले लगभग 4.35 लाख हेक्टेयर है। 1.35 लाख हेक्टेयर लगभग 25.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों में खेतों में पराली जलाने के ज्यादा मामले सामने आए हैं।
पराली प्रबंधन के तहत दी जाने वाली कुल केंद्रीय निधि का 46 प्रतिशत पंजाब को दिया जाता है। इसके बाद भी पंजाब में मामले बढ़ रहे हैं। पंजाब में 2020 में मामलों में 44.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल केंद्र ने पंजाब को 793.18 करोड़ रुपये दिए हैं। पराली जलाने के मामलों में अभी तक सरकार की ओर से किसानों से मात्र 25 लाख रुपये का ही जुर्माना वसूल किया गया है। जबकि 19 अक्टूबर तक किसानों ने 2.11 लाख हेक्टेयर (5.21 लाख एकड़) खेत में पराली जलाई।