पंजाब: बेअदबी मामलों की जांच कर रही एसआईटी पुनर्गठित, बटाला के एसएसपी भी टीम में शामिल, दो सदस्य हटाए
एसआईटी के सदस्य एआईजी सीआई राजिंदर सिंह सोहल और कमांडेंट पीएपी जालंधर उपिंदरजीत सिंह घुम्मन को जांच टीम से हटा दिया गया है। एसआईटी की कमान आईजी सुरिंदरपाल सिंह परमार के पास ही रहेगी।
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पंजाब के डीजीपी इकबालप्रीत सिंह सहोता ने बरगाड़ी बेअदबी केस की जांच कर रही एसआईटी पुनर्गठित की है। एसआईटी में किए गए बदलाव के तहत बटाला के एसएसपी मुखविंदर सिंह भुल्लर को टीम का नया सदस्य बनाया गया है।
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एसआईटी के सदस्य एआईजी सीआई राजिंदर सिंह सोहल और कमांडेंट पीएपी जालंधर उपिंदरजीत सिंह घुम्मन को जांच टीम से हटा दिया गया है। एसआईटी में डीएसपी लखवीर सिंह व इंस्पेक्टर दलबीर सिंह पहले की तरह शामिल रहेंगे और एसआईटी की कमान आईजी सुरिंदरपाल सिंह परमार के पास ही रहेगी।
डेरा प्रमुख से आठ नवंबर को रोहतक में पूछताछ करेगी एसआईटी
इससे पहले 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले में एसआईटी ने रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से आठ नवंबर को पूछताछ करने का फैसला किया है। एसआईटी के मुखिया आईजी सुरिंदरपाल सिंह परमार ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए रोहतक के जिला मजिस्ट्रेट को पत्र भेजकर सूचना भेज दी है। परमार ने उनसे सुनारिया जेल प्रशासन को अवगत करवाने का आग्रह किया है ताकि उच्च न्यायालय की हिदायत का पालन हो सके।
बरगाड़ी बेअदबी मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने इस मामले से जुड़ी गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी करने के केस में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की हुई है। पिछले माह 25 अक्तूबर को डेरा प्रमुख का फरीदकोट की अदालत से 29 अक्तूबर के लिए प्रोडक्शन वारंट भी जारी करवाया था लेकिन फरीदकोट की अदालत में पेशी से एक दिन पहले 28 अक्तूबर को पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने डेरा प्रमुख के वारंट पर रोक लगा दी और एसआईटी को सुनारिया जेल में जाकर पूछताछ करने की इजाजत दी।