पंजाब के पठानकोट स्थित एयरबेस में 2016 में आतंकी हमला हुआ था। यह हमला भी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने किया था। गुरुवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले ने लोगों के जेहन में एक बार फिर पठानकोट हमले को उभार दिया है। जैश के छह आतंकियों ने वारदात को अंजाम दिया था। लगभग 65 घंटे चले इस ऑपरेशन में देश के 7 वीर सपूत शहीद हुए थे।
ऐसे हुआ था हमला
पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकी दिसंबर 2015 में पाकिस्तान से भारत की सीमा में घुसे थे। 2 जनवरी, 2016 की सुबह साढ़े तीन बजे आतंकी असलहा और हथियारों से लैस होकर एयरबेस स्टेशन में दाखिल हुए थे। इस हमले में एयरबेस के अंदर सात सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे, जबकि करीब 37 अन्य लोग घायल हो गए थे। हमला करने आए सभी आतंकी मारे गए थे।
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पठानकोट हमला
- फोटो : Reuters
इस मामले की जांच कर रही एनआईए को कई ऐसे प्रमाण मिले थे, जिससे यह बात साफ हो गई थी कि हमला करने वाले सभी आतंकी पाकिस्तान के थे। वहीं, हमले के समय भी आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं व परिवार के संपर्क में थे। इसके अलावा जिस रास्ते से आतंकी आए थे वहां से एनआईए को पाकिस्तान में बने फूड पैकेट, एनर्जी ड्रिंक की खाली बोतलें व अन्य सामान बरामद हुआ था।
यहां से हुई थी घुसपैठ
सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि आतंकवादी बमियाल नाले के पास से भारतीय सीमा में घुसे थे। इस इलाके में कंटीली बाड़ नहीं है और नाला होने की वजह से धुंध और रात के अंधेरे का उन्हें लाभ मिला होगा। वैसे यहां बीएसएफ की एकचौकी है। पाकिस्तान के इखलासपुर से होकर वे यहां तक पहुंचे होंगे। आतंकवादी करीब 20 किलोमीटर के दायरे में फैले एयरफोर्स स्टेशन में गांव धीरा की ओर से पिछली दीवार फांदकर अंदर घुसे थे।
आतंकी हमला और दो दिन
पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन, 2 जनवरी 2016, सवेरे 3 बजकर 5 मिनट पर, शाम तक 5 आतंकी ढेर, 12 घायल। अब तक कुल 6 आतंकी मारे जा चुके थे। 7 जवान शहीद हुए और 20 जवान घायल हुए। जब सेना के जवान मारे गए आतंकियों के शव तलाश रहे थे तो वहां विस्फोटक सामग्री मिली। जिसे निष्क्रिय करते हुए एनएसजी के लेफ्टीनेंट कर्नल निरंजन शहीद हो गए थे। धमाके में एनएसजी के छह कमांडो घयाल हुए थे।
हमले में जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने की आशंका
हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और उसके भाई रऊफ के इशारे पर यह हमला हुआ। अजहर वही आतंकी है जिसे 17 साल पहले कंधार प्लेन हाईजैक केस में भारतीयों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।