फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Story Behind Resignation of Punjab Congress Chief Navjot Sidhu

इस्तीफे की कहानी: संगठन-सरकार में कैप्टन की तरह कंट्रोल चाहते थे नवजोत, अपनों का ही विरोध बना पद छोड़ने की वजह

Wed, 29 Sep 2021 12:49 AM IST
निवेदिता वर्मा अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अभिषेक वाजपेयी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 29 Sep 2021 12:49 AM IST
सार

ढाई महीने पंजाब कांग्रेस के प्रधान पद पर रहने के बाद सिद्धू का इस्तीफा अचानक नहीं हुआ है। कैप्टन के इस्तीफे के बाद से सिद्धू को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी नहीं दिए जाने के बाद से ही इसकी पटकथा शुरू हो गई थी।

विज्ञापन
Story Behind Resignation of Punjab Congress Chief Navjot Sidhu
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में 2022 के चुनाव में कांग्रेस को सत्ता दिलाने का दम भरने वाले नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे ने सबको चौंका दिया है। हालांकि इस इस्तीफे की कहानी कैप्टन की कुर्सी जाते ही लिखनी शुरू हो गई थी। दरअसल सिद्धू सरकार और संगठन दोनों को कैप्टन की तरह चलाना चाहते थे, लेकिन स्थानीय नेताओं और आलाकमान की चुनौती ने सिद्धू को इस्तीफे देने की कई वजह दे डालीं।

विज्ञापन


ढाई महीने पंजाब कांग्रेस के प्रधान पद पर रहने के बाद सिद्धू का इस्तीफा अचानक नहीं हुआ है। कैप्टन के इस्तीफे के बाद से सिद्धू को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी नहीं दिए जाने के बाद से ही इसकी पटकथा शुरू हो गई थी। इसके बाद चन्नी के साथ घूमने के दौरान सिद्धू का सुपर सीएम का चेहरा उभरने लगा और पार्टी स्तर पर ही उनकी आलोचना शुरू हो गई, जिसके बाद वह फिर से एकांतवास में चले गए। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - नवजोत पर बोले सीएम चन्नी: मुझे उनके इस्तीफे की जानकारी नहीं, अगर नाराज हैं तो बात करूंगा 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद हुए चन्नी के मंत्रिमंडल विस्तार में भी सिद्धू अपनी नहीं चला पाए। सिद्धू एजी पद पर डीएस पटवालिया को चाहते थे, लेकिन स्थानीय नेताओं के विरोध के बाद एपीएस देयोल को एडवोकेट जनरल बना दिया गया गया। इसके बाद वह अपने कुछ करीबियों को मंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन अलाकमान के हस्तक्षेप के कारण सिद्धू को यहां भी निराश होना पड़ा। 


मंत्रियों की लिस्ट को अंतिम रूप देने के लिए आलाकमान ने सिर्फ मुख्यमंत्री चन्नी की राय ली। सिद्धू के करीबियों ने बताया कि सिद्धू ने दो दिन पहले ही इस्तीफे का मन बना लिया था, जिसके बाद उन्होंने मंगलवार सुबह कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजकर ट्वीट कर इसकी जानकारी साझा की।

कैबिनेट बैठक में दिख गई थी नाराजगी
चन्नी कैबिनेट की पहली बैठक में ही सिद्धू की नाराजगी दिख गई थी। कांग्रेस में यह परंपरा रही है कि जब भी कांग्रेस की सरकार बनती है तो कैबिनेट से पहले पार्टी प्रधान को भी बुलाया जाता है, लेकिन रविवार को हुई चन्नी की कैबिनेट बैठक में सिद्धू नहीं पहुंचे थे।


ये भी रहीं सिद्धू के इस्तीफे की वजह
- सुपर सीएम की पार्टी में आलोचना से नाराज थे कांग्रेस प्रधान
- मुख्यमंत्री के नाम पर आलाकमान की राजमंदी नहीं मिलना
- एडवोकेट जनरल, डीजीपी और मंत्रिमंडल विस्तार में नहीं सुनी गई
- रंधावा को गृह विभाग देने के बाद टूटा सब्र और इस्तीफा दे दिया
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed